बारिश और तेज अंधड़ के कारण राजली हेड से निकलने वाली राणा माइनर सोमवार को गांव तलवंडी राणा के पास टूट गई। 13 घंटे तक ग्रामीणों व डेरा सच्चा सौदा शाह सतनाम ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स विंग के सेवादारों ने मौके पर पहुंचकर माइनर पाटने का काम किया। हालांकि समाचार लिखे जाने तक माइनर की दरार पूरी तरह भर नहीं पाई थी। 10 फुट चौड़ी दरार से अभी भी पानी जीएलएफ कॉलोनियों की तरफ बह रहा है। माइनर टूटने से सेक्टर 3 स्थित जीएलएफ कॉलोनी के डेढ़ सौ घरों में पानी घुस गया। इस कॉलोनी में क्लास थ्री व क्लास फोर के कर्मचारी रह रहे हैं। कॉलोनी में रहने वाले कर्मचारियों के परिवार के सदस्यों को मकान खाली करने पड़े। कई लोग तो मकानों की छत पर चढ़कर बैठे रहे।
सुबह साढ़े पांच बजे टूटी माइनर, नहीं किया राजली हेड से बंद
गांव के सरपंच प्रतिनिधि महेंद्र कोहली ने बताया कि माइनर सुबह साढ़े पांच बजे टूट गई थी। करीब 50 फुट से ज्यादा चौड़ी दरार आ गई जो लगातार बढ़ती गई। ग्रामीणों ने नहरी विभाग को सूचना दी मौके पर एक जेई जरूर पहुंचे मगर उन्होंने कोई अधिक प्रयास नहीं किए। राजली हेड से माइनर को बंद नहीं करवाया गया, जिसके कारण पानी का बहाव लगातार जारी रहा और इस पर कई घंटे तक काबू नहीं पाया गया। मनरेगा मजदूरों ने भी इसे पाटने में पूरा सहयोग किया। लोग सुबह से बिना कुछ खाये पीये भूखे प्यासे लगातार दरार भरने में लगे रहे। दोपहर तक ग्रामीण अपने स्तर पर प्रयास करते रहे। फिर नहरी विभाग के एक्सईएन विमल कुमार अन्य अधिकारियों को साथ लेकर मौके पर पहुंचे। दो जेसीबी की सहायता से माइनर पाटने का काम शुरू किया गया। शाम करीब साढ़े 6 बजे बाद में पानी के बहाव को रोका गया। करीब 10 फुट चौड़ी दरार से लगातार पानी बह रहा था।
नहीं कंट्रोल हुई तो एनएच 65 पर आ सकता है पानी
ग्रामीणों ने बताया कि देर रात तक पानी की दरार भरी नहीं जा सकी। ऐसे में पास लगते एनएच 65 पर पानी आ सकता है, जिससे चंडीगढ़ रूट प्रभावित हो सकता है। इसके साथ ही जीएलएफ के फर्स्ट व सेकेंड क्लास अधिकारियों के क्वार्टर हैं, जिनमें भी पानी भरने का डर है। न्योली कलां के सरपंच ने बताया कि यही माइनर सुबह गांव में टूट गई थी। ग्रामीणों की सहायता से काबू पा लिया गया था।
गांव में 50 से ज्यादा परिवारों को लेनी पड़ी शरण
जीएलएफ कॉलोनी में पानी घुसने के कारण कर्मचारियों व उनके परिवार को गांव तलवंडी राणा में शरण लेनी पड़ी। कुछ लोग शहर के अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए तो 50 से ज्यादा परिवार तलवंडी गांव में चले गए। ग्रामीणों ने उनका पूरा सहयोग किया। क्वार्टरों में पानी घुसने से खाने पीने की चीजें भी भीग गईं।
हांसी में ओवरफ्लो हुई पेटवाड़ नहर, टूटने की आशंका
हांसी स्थित पेटवाड़ नहर ओवरफ्लो हो गई है। नहर में अधिक पेड़ टूटकर गिरने से ऐसी स्थिति पैदा हो गई है। कई जगह से रिसाव शुरू हो गया है। इसके अलावा बालसमंद माइनर में भी ऐसा ही हाल है। रात को गांव नियाणा में पुल के पास पेड़ टूटकर गिर गया, जिससे नहर ओवरफ्लो होने लगी। गांव के सरपंच ने खुद लोगों के सहयोग से नहर से पेड़ निकाला। ठीक ऐसी ही हालात गांव रायपुर के पास थी। बालसमंद ब्रांच में वहां भी पुल के नीचे भारी भरकम पेड़ पुल के नीचे फंस गया। पानी के बहाव में अवरोध पैदा होने से नहर ओवरफ्लो होने लगी। ग्रामीणों ने जेसीबी मंगवाकर पेड़ को रस्से से बांधकर बाहर निकलवाया।
मैं मौके पर ही हूं। फिलहाल माइनर काबू की स्थिति में है। जीएलएफ की कॉलोनियों में पानी घुस गया है। राजली हेड से माइनर को पूरी तरह बंद करना संभव नहीं था, क्योंकि अगर ऐसा किया जाता तो और कहीं से माइनर टूट जाती।
- विमल कुमार, एक्सईएन, नहरी विभाग