हांसी। फोन कॉल कर लोन का झांसा देकर माजोद के एक कारोबारी से 4.90 लाख रुपये की ठगी हुई है। पीड़ित कारोबारी की शिकायत पर साइबर सेल ने मामला दर्ज किया है। लोन के नाम पर शातिरों ने उससे पैसे ठगे और फाइनेंस कंपनी का फर्जी लेटर पैड भी दिया। इस मामले की छानबीन प्रारंभ कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में गांव माजोद के 41 वर्षीय वेद पाल ने बताया कि वह अपना निजी कारोबार करते हैं। 18 जून को उनके पास एक महिला ने फोन कॉल कर अपना नाम अनीता बताया। उसने उनसे पर्सनल लोन के बारे में पूछा। अपनी सहमति व्यक्त की तो महिला कॉलर ने बताया कि उनकी कंपनी 30 लाख रुपये तक का पर्सनल लोन दे सकती है। इसके बाद महिला कॉलर के मांगने पर वेदपाल ने अपना आधार कार्ड, पेन कार्ड, बैंक खाते की कापी तथा पासपोर्ट साइज फोटो व्हाट्सएप पर भेज दिया। कुछ समय बाद महिला कॉलर ने फोन से बताया कि आपका सिविल स्कोर कम है। इसलिए आपको लोन नहीं मिल सकता। इसके बाद महिला कॉलर ने उन्हें पत्नी के नाम पर लोन लेने की सलाह दी।
वेदपाल ने पत्नी की बजाय अपने भाई के नाम से लोन की इच्छा व्यक्त की। भाई के आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाते की प्रति पासपोर्ट साइज फोटो महिला कॉलर के नंबर पर भेज दिए। उसके भाई मुनीम का सिविल स्कोर चेक करने के उपरांत लोन देने की स्वीकृति प्रदान कर दी गई। कहा गया कि इसके लिए कुछ औपचारिकताएं व कागजात पूरे करने होंगे। जैसे ही प्रक्रिया पूरी हो जाएगी लोन की राशि आपके खाते में आ जाएगी।
इसके बाद उसी दिन महिला कॉलर ने प्रार्थी को बताया की 30 लाख रुपये के लोन स्वीकृति के लिए कंपनी की 5500 रुपये फीस होती है, जिसे उनके खाते में ट्रांसफर कर सकते हैं। महिला कॉलर की बातों पर विश्वास करते हुए अपने मोबाइल नंबर से फोन पे के माध्यम से रुपये महिला कॉलर को ट्रांसफर कर दिए। रुपये महिला कॉलर के खाते में गए तो उसने एक निजी फाइनेंस कंपनी के लेटर पैड पर 4-5 कागज बनाकर मोबाइल पर व्हाट्सएप कर दिए। इसके कुछ समय के बाद महिला कॉलर द्वारा लोन के नाम पर तरह-तरह की फीस बताकर पैसे मांगे। वेदपाल उसके खाते में 4.90 लाख रुपये ट्रांसफर कर चुका है। उन्होंने अपने स्तर पर महिला का पता लगाकर मिलने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सके। महिंद्रा फाइनेंस प्राइवेट लेटर पैड को कंपनी के अधिकारियों को दिखाया, तो पता लगा कि यह लेटर पैड फर्जी है।