फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अग्रोहा टीले की जल्द होगी चौथी खोदाई: इतिहास के दफन राज आएंगे सामने, हिसार के राखीगढ़ी पहुंचे दिल्ली के छात्र

Sun, 23 Mar 2025 10:51 AM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, अग्रोहा (हिसार)

सार

हरियाणा के अग्रोहा धाम के टीले की खोदाई का कार्य करने के लिए सरकार ने एमओयू किया है। इससे पहले टीले की खोदाई का काम अंग्रेजों के शासनकाल में 1888-89 के दौरान हुआ था।
विज्ञापन
अग्रोहा स्थल टीले का निरिक्षण करते हुए अधिकारी। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अग्रोहा टीले की खोदाई का विधिवत शुभारंभ 25 मार्च को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के हाथों किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन की ओर से पूरी तैयारी की जा रही है। 19 मार्च को डीसी, एसपी सहित अन्य अधिकारी मौके का मुआयना करने पहुंचे थे। पंडित दीनदयाल उपाध्याय पुरातत्व संस्थान ग्रेटर नोएडा के 15 छात्रों का एक दल भी खोदाई कार्य के अध्ययन के लिए पहुंच गया है। अग्रोहा टीले की खोदाई का काम चौथी बार शुरू होने जा रहा है। इससे पहले 1888-89,1938-39,1978-79 में खोदाई का काम हो चुका है।

विज्ञापन


पुरातत्व विभाग चंडीगढ़ सर्कल की निर्देशक पुरातत्वविद कामेई अथेलियू काबोई ने कहा कि विभाग पुरातात्विक स्थलों की सुरक्षा करने की कोशिश कर रहा हे। पुरातत्व विभाग की उप निदेशक बनानी भट्टाचार्य के नेतृत्व में 15 सदस्यों की टीम ने 12 मार्च को नारियल फोड़कर भूमि पूजन किया था। चार दिन खोदाई के बाद आधुनिक मशीनों के इंतजार में काम को अस्थायी तौर पर रोक दिया गया।

अब 25 मार्च को सीएम के हाथों इसका विधिवत तौर पर शुभारंभ कराया जाएगा। अभी तक टीले की खोदाई में मिट्टी के खिलौनेनुमा वस्तु, कुल्हड़, मिट्टी के ढक्कन, सिलबट्टे नुमा पत्थर, मिट्टी के छोटे गोल बर्तन, मिट्टी के गोल मनके आदि मिले हैं। ये वस्तुएं किस काल की हैं, यह जानने के लिए जांच के लिए भेजा गया है। इसके अलावा यहां महलनुमा भवन की सीढि़यां भी निकल रही हैं जिसकी खोदाई चल रही है।
विज्ञापन


अग्रोहा टीले से 1 किलोमीटर दूर बनेगा म्यूजियम
अग्रोहा टीले से निकलने वाली वस्तुओं को रखने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग 9 पर अग्रोहा टीले से करीब एक किलोमीटर दूर अग्र विभूति स्मारक के समीप छह एकड़ जमीन पर म्यूजियम बनाया जायेगा। इसके लिए जमीन चिन्हित की जा चुकी है।

अंग्रेजी शासन में दो बार हो चुकी खोदाई, मिले थे चांदी के सिक्के
हरियाणा के अग्रोहा धाम के टीले की खोदाई का कार्य करने के लिए सरकार ने एमओयू किया है। इससे पहले टीले की खोदाई का काम अंग्रेजों के शासनकाल में 1888-89 के दौरान हुआ था। उसके बाद खोदाई का काम दोबारा 1938-39 में हुआ था। जिसमें चांदी के सिक्के, मोहरें, पत्थर की मूर्ति, लोहे, तांबे के उपकार, कीमती पत्थर मिले थे। बताया जाता है कि उस समय करीब सात हजार कलाकृतियां मिली थीं। तीसरी बार 1978-79 में खोदाई हुई थी।

विज्ञापन

राखीगढ़ी के प्राचीन स्थलों का निरीक्षण कर दिल्ली के छात्रों ने जाना इतिहास

हरियाणा के पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग की ओर से आयोजित राखीगढ़ी टूर में दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज के छात्रों ने भाग लिया। इस शैक्षिक भ्रमण का उद्देश्य छात्रों को हरियाणा की समृद्ध पुरातात्विक धरोहर से परिचित कराना था। इस दौरान छात्रों ने राखीगढ़ी के प्राचीन स्थलों का निरीक्षण कर इतिहास की जानकारी प्राप्त की।

छात्रों ने पॉटरी वर्कशॉप में पारंपरिक मिट्टी के बर्तनों के निर्माण की कला सीखी। हरियाणवी पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया। पुरातत्वविद् डॉ. अप्पू सहारण ने राखीगढ़ी की ऐतिहासिक विरासत और इसके पुरातात्विक महत्व पर जानकारी दी। आर्टिस्ट राहुल ने कार्यशाला में छात्रों को प्राचीन मूर्तिकला निर्माण विधियों से अवगत कराया गया। पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के प्रतिनिधि विनीत भनवाला ने कहा कि विभाग का उद्देश्य हरियाणा के पुरातात्विक स्थलों को शोध और पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करना है। उन्होंने बताया कि विभाग लगातार ऐसे शैक्षिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर रहा है, ताकि युवा पीढ़ी को ऐतिहासिक विरासत से जोड़ा जा सके।

राखीगढ़ी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए विभाग विभिन्न शिक्षण संस्थानों और संगठनों के साथ मिलकर ऐसे टूर और कार्यशालाओं का आयोजन कर रहा है। इस अवसर पर दिनेश श्योरान, विक्की मलिक, प्रो. नैना दयाल, प्रो. पिया डेविड, प्रो. पूजा ठाकुर, प्रो. संगीता लूथरा शर्मा और प्रो. सुदीप्तो बसु भी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें