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साझे उम्मीदवार की खोज में होने लगीं भाईचारे की पंचायतें

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हिसार। पंचायती राज चुनाव की घोषणा होते ही ग्रामीण क्षेत्र में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। साझा उम्मीदवार की खोज में ग्रामीणों की भाईचारे की बैठकें होने लगी हैं। लोग सुबह से लेकर शाम तक इसी बात की चर्चा कर रहे हैं कि सरपंच, पंच, ब्लॉक समिति व जिला परिषद का उम्मीदवार कौन होगा और वोट किसे देना है। सबसे ज्यादा चर्चा सरपंच पद के उम्मीदवार के लिए हो रही है।
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कुछ ने तो अपने साझे उम्मीदवारों को मैदान में उतार दिया है। कुछ परिवारों की अभी तक एक उम्मीदवार पर सहमति नहीं बनी है। पिछले दो दिनों में सातरोड़ कलां, रामायण, सुल्तानपुर, कुलेरी, गामड़ा सहित दर्जनों गांवों में साझा उम्मीदवार मैदान में उतारने के लिए ग्रामीण कई बैठक कर चुके हैं। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि गांव में भाईचारे के आधार पर पंचायत का चुनाव होना चाहिए।
चुनाव लड़ने की थी इच्छा, अब कर रहे मना
कई गांव ऐसे भी हैं जहां कुछ उम्मीदवारों ने कई माह पहले ही सरपंच का चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी थी। वोट मांगने भी शुरू कर दिए थे। अब तिथि की घोषणा होने के बाद उन्हीं उम्मीदवारों के परिवार के लोग उन्हें चुनाव लड़ने से मना कर रहे हैं। जिला परिषद चुनाव के लिए ग्रामीण एक गांव से एक उम्मीदवार को मैदान में उतारने की बात का समर्थन कर रहे हैं। इसके लिए पिछले तीन दिनों से कई गांवों में बैठक हो रही हैं। बीडीसी मेंबर के चुनाव के लिए लोग इतने उत्साहित नजर नहीं आ रहे हैं।
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पसंद के उम्मीदवार के समर्थन में ऑनलाइन वोटिंग कर रहे
सरपंची के इच्छुक उम्मीदवारों ने सोशल मीडिया पर अपना चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है। उम्मीदवार फेसबुक, व्हाट्स एप, इंस्टाग्राम पर पोस्ट डालकर अपने फॉलोअर बढ़ाकर माहौल बना रहे हैं। युवा उम्मीदवारों ने गूगल फार्म बनाकर अपना प्रचार शुरू करना शुरू कर रखा है। जिसमें लोग अपने पसंद के उम्मीदवार के समर्थन में ऑनलाइन वोटिंग कर रहे हैं।
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