गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ काणा की हत्या की साजिश उज्जैन में रची गई थी, जहां से योजना बनाने के बाद 20 अगस्त को कोर्ट परिसर में उसे मौत के घाट उतार दिया गया। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि हत्या में मुख्य हमलावर अजय पंडित, जो गढ़ी गांव का रहने वाला है, और राकेश, जो खरड़ गांव का निवासी है, शामिल थे। राकेश, अजीत पहलवान के भाई दीपक का करीबी दोस्त बताया जा रहा है।
साजिश का खुलासा, उज्जैन में मुलाकात और योजना
पुलिस की जांच के अनुसार, पिछले महीने राकेश अपने दोस्त दीपक के साथ उज्जैन गया था। इसी यात्रा के दौरान, उन्होंने गैंगस्टर विनोद पानू की हत्या की योजना बनाई। यह योजना इतनी गोपनीय रखी गई थी कि किसी को कानों-कान खबर नहीं हुई। इसके बाद, 20 अगस्त को कोर्ट परिसर में इस योजना को अंजाम दिया गया। यह भी पता चला है कि इससे पहले भी विनोद पानू की पेशी के दौरान उसे मारने की योजना बनाई गई थी, लेकिन उस समय वह पेशी पर नहीं आया था।
राकेश इकलौता बेटा और किसान परिवार का सदस्य
हत्या की योजना बनाने वाले राकेश के बारे में पुलिस को पता चला है कि वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा है। उसकी दो बड़ी बहनें हैं। राकेश के पिता बलराज खेती करते हैं और उनके पास पांच एकड़ जमीन है।
हमले की आशंका और सुरक्षा व्यवस्था
यह भी सामने आया है कि गैंगस्टर विनोद पानू को खुद पर हमले की आशंका पहले से थी। करनाल जेल से रिहा होने के बाद से, वह अपनी सुरक्षा को लेकर काफी सतर्क था। वह बुलेट प्रूफ फॉर्च्यूनर गाड़ी में सफर करता था और अपने साथ 12 से 15 सुरक्षा गार्डों की एक टीम रखता था।