आजाद नगर का ध्रुव सहारण पढ़ाई में कमजोर था, लेकिन दादा निहाल सिंह ने उसे खेलने के लिए प्रेरित किया। धीरे-धीरे उसकी खेल में रुचि बढ़ती चली गई और खेल को अपना भविष्य बना लिया। आज वह तीन साल से बॉक्सिंग में अपनी प्रतिभा दिखाते हुए नाम रोशन कर रहा है।
ध्रुव ने 17 जुलाई को कलानौर में हुई राज्य स्तरीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल पर कब्जा किया है। इससे पहले भी वह कई पदक जीत चुका है। वह आजाद नगर में यूनिवर्सल बॉक्सिंग एकेडमी में कोच राजेश श्योराण से प्रशिक्षण ले रहा है। इस प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में ध्रुव ने भिवानी के आदित्य को 5-0 से हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा किया है। ध्रुव ब्लूमिंग डेल्स स्कूल में दसवीं कक्षा का छात्र है। मेडल जीतने पर प्रिंसिपल हिमांशु शर्मा ने बधाई दी है। इस प्रतियोगिता में ध्रुव 38 से 40 किलोग्राम भारवर्ग में खेला।
नेशनल में गोल्ड मेडल लाना लक्ष्य
गोल्ड मेडलिस्ट बॉक्सर ध्रुव का कहना है कि उसका अगला लक्ष्य नेशनल में गोल्ड मेडल लाना है। इसको लेकर वह सुबह-शाम 3-3 घंटे मैदान में पसीना बहा रहा है। वह तीन साल से बॉक्सिंग की प्रेक्टिस कर रहा है। ध्रुव का कहना है कि वह आज दादा निहाल सिंह से ही प्रेरणा लेकर इस मुकाम पर पहुंच पाया है। ध्रुव के दादा एचएयू से टेक्निकल असिस्टेंट के पद से रिटायर हैं।
ध्रुव की उपलब्धियां
- वर्ष 2017 में सब जूनियर राज्य स्तरीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल
- वर्ष 2018 में सब जूनियर राज्य स्तरीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल
- वर्ष 2019 में सब जूनियर राज्य स्तरीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल
बेटे ने बॉक्सिंग में उम्दा प्रदर्शन करते हुए कई मेडल हासिल किए हैं। अब एक और गोल्ड मेडल जीतकर नई उपलब्धि हासिल की है। उम्मीद है कि बेटा आगे भी इसी तरह खेलते हुए मेडल हासिल करेगा।
- विजय सहारण, ध्रुव के पिता।
ध्रुव का अच्छा प्रदर्शन रहा है। वह तीन साल से मेरे पास प्रशिक्षण ले रहा है। ध्रुव ने गोल्ड मेडल जीतकर अपना ही नहीं, बल्कि परिवार और एकेडमी का नाम भी रोशन किया है।
- राजेश श्योराण, कोच, बॉक्सिंग।