मैं बिजेंद्र के बारे में कुछ कह नहीं सकता। मगर मुझे यदि प्रोफेशनल बॉक्सिंग का ऑफर मिलता है, तो मैं इसे स्वीकार नहीं करूंगा। मैं पैसे की जगह देश को प्राथमिकता दूंगा। यह बात अर्जुन अवॉर्डी बॉक्सर मनदीप जांगड़ा ने वीरवार को एक प्रेस वार्ता में कही। मनदीप बुधवार को अर्जुन अवॉर्ड लेेने के बाद शहर पहुंचे थे।
ओलंपिक के क्वालीफाई करना है अगला लक्ष्य
मनदीप ने बताया कि मेरा लक्ष्य ओलंपिक के क्वालीफाई करना है। मार्च में ओलंपिक के लिए क्वालीफाई राउंड होना है। इसकी तैयारी के लिए मैं आस्ट्रेलिया जा रहा हूं।
इसके बाद वैसे एक चांस और भी मिलेगा। एशिया चैंपियनशिप में भारतीय टीम के बढ़िया प्रदर्शन न कर पाने के सवाल पर मनदीप ने कहा कि देश में बॉक्सिंग की फिलहाल फेडरेशन नहीं है। इसका खामियाजा खिलाड़ियों को भुगतना पड़ रहा है। नेशनल लेवल पर कोई टूर्नामेंट नहीं हो रहे हैं। हमारे देश में टैलेंट तो है, लेकिन सिस्टम नहीं है।
टूर्नामेंट में हुआ भेदभाव
इस टूर्नामेंट में मेरे साथ भेदभाव हुआ। विरोधी खिलाड़ी मुझसे 6-7 इंच लंबा था और मुझे सर झुकाने की वार्निंग मिली। रेफरी ने मुझे जो वार्निंग दी, वह उस स्थिति में बनती ही नहीं थी।
इन गलत वार्निंग की वजह से मैच मेरे हाथ से चला गया, अन्यथा मैच एकतरफा था। उधर मनदीप के पिता कृष्ण जांगड़ा ने कहा कि मनदीप को अपने खेल से बहुत प्यार है। इस अवॉर्ड के मिलने से उसका हौसला बढ़ा है। अब वह ओलंपिक की तैयारी में लगा है। उन्हें विश्वास है कि वह ओलंपिक के लिए जरूर क्वालीफाई करेगा।
मेहनत करने वाला खिलाड़ी ही आगे बढ़ेगा
मनदीप के कोच रहे चुके पूर्व इंटरनेशनल खिलाड़ी सतीश कुमार ने बताया कि चाहे खेलों में कितनी ही राजनीति हो। अगर खिलाड़ी मेहनत करेगा, उसे आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने वर्ष 2006 में मनदीप को आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट में कोचिंग दी थी। मनदीप काफी मेहनती खिलाड़ी है।
उधर मनदीप का अखिल कुमार बॉक्सिंग क्लब व अर्बन स्टेट में भी स्वागत किया गया। इस अवसर पर खेल प्रेमी अर्जुन ठाकुर, हरिपाल पिलानियां, अजीत, विकास, विपिन नरूला आदि उपस्थित थे।