हिसार। सिरसा-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित पर्यटन विभाग की ब्लू बर्ड झील के संचालन का ठेका न दिए जाने से पिछले करीब डेढ़ साल से वीरान पड़ी है। जिले की एकमात्र झील होने के बावजूद यहां पर्यटन गतिविधियां पूरी तरह बंद हैं। पर्यटन विभाग तमाम प्रयासों के बावजूद झील का सुचारू संचालन नहीं करवा पाया है। बंद प्रवेश द्वार और जर्जर नावों के कारण लोगों को मायूस लौटना पड़ रहा है। हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में हैं और उम्मीद है कि इसी माह पर्यटन गतिविधियां बहाल कर दी जाएंगी।
पिछले वर्ष पानी की कमी के कारण झील का अस्तित्व संकट में पड़ गया था। हजारों मछलियां मर गईं थीं। हालांकि अब नहरी पानी की आपूर्ति होने से स्थिति में सुधार हुआ है। इसके बावजूद पर्यटन गतिविधियां बंद होने से झील वीरान नजर आ रही है। चंदननगर निवासी विनोद कुमार ने बताया कि वह परिवार के साथ झील में नौकायन करने आए थे लेकिन परिसर में ताला लगा होने के कारण वापस लौटना पड़ रहा है। पहले यहां बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी दिखाई देते थे लेकिन अब संख्या कम हो गई है। पुलिस लाइन और पुल के पास बने नाले से आने वाली दुर्गंध भी पर्यावरण को प्रभावित कर रही है। समाजसेवी आशीष लावट का कहना है कि ब्लू बर्ड झील कभी प्रदेश की पहचान और जैव विविधता का प्रमुख केंद्र थी लेकिन उपेक्षा के कारण इसकी स्थिति लगातार खराब होती गई। समय रहते इसका संचालन और संरक्षण सुनिश्चित नहीं किया गया तो यह पर्यटन स्थल अपनी पहचान खो सकता है।
जिले की एकमात्र झील
वर्ष 1995 में निर्मित ब्लू बर्ड झील सिरसा-दिल्ली बाईपास पर स्थित है। लगभग 52 एकड़ क्षेत्र में फैले इस परिसर में करीब 18 एकड़ क्षेत्र झील, पर्यटक आवास गृह, पेट्रोल पंप और जंगल क्षेत्र के अंतर्गत आता है। झील में करीब छह फीट तक पानी भरा जाता है। पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पिछले डेढ़ साल से झील में मछली पालन और नौकायन का ठेका आवंटित नहीं हो सका है। इस कारण यहां सभी गतिविधियां बंद हैं। निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही झील को पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।
गांव से शहर आते-जाते समय कई बार झील में घूमने का मन होता है लेकिन हर बार बंद गेट देखकर लौटना पड़ता है। पर्यटन विभाग को इस स्थल का बेहतर उपयोग करना चाहिए।- सचिन, सुलखनी
पहले हम यहां पक्षियों और मछलियों को दाना डालने आते थे। डेढ़ साल से यहां सन्नाटा पसरा है। नावें भी खराब हालत में हैं। विभाग को जल्द संचालन शुरू करना चाहिए।- पंकज, हांसी
एक साल के लिए ठेके पर दे रहे हैं झील
ब्लू बर्ड झील में नहरी पानी आपूर्ति की व्यवस्था कर दी है। इसे एक साल के लिए ठेके पर दे रहे हैं। निविदा प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। जरूरी औपचारिकताएं पूरी होते ही इसी माह पर्यटन गतिविधियों की बहाली की उम्मीद है। - नरेंद्र राणा, प्रभारी अधिकारी, पर्यटन विभाग, हिसार