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ऑपरेशन के समय मिला अधिक संक्रमण, जबड़ा निकाला

अग्रोहा में जबड़े का ऑपरेशन करती चिकित्सकों की टीम। - फोटो : Hisar
हिसार। ब्लैक फंगस अब नाक, आंख के बाद जबड़ों में भी खतरनाक हो गया है। जिस कारण मरीजों के जबड़े निकालने की नौबत आ रही है। मेडिकल कॉलेज में शनिवार को ऑपरेशन के दौरान ब्लैक फंगस के एक मरीज के जबड़े में इतना अधिक संक्रमण फैला था कि मरीज का जबड़ा निकालना पड़ा।

ब्लैक फंगस मरीज का जबड़ा निकालने का जिले का यह पहला मामला है। इससे पहले जबड़े वाले मरीजों के गलने के कारण केवल दांत और हड्डी निकाली जा रही थी। इससे पहले चार मरीजों की फंगस के कारण आंखें निकाली जा चुकी हैं। शनिवार को जबड़े के दो ऑपरेशन ही हो सके। दोनों ही मरीज गंभीर स्थिति के थे। ओरल सर्जन डॉ. बंसीलाल बेनीवाल और डॉ. कन्नू प्रिया की टीम देर शाम तक ऑपरेशन में जुटी रही। चिकित्सकों ने 6 मरीजों के ऑपरेशन का शेड्यूल बनाया था।
188 पहुंचों संक्रमितों का मामला
शनिवार को मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस यानी म्यूकरमाइकोसिस के पांच नए संदिग्ध मामले पहुंचे। अब ब्लैक फंगस के कुल मरीजों का आंकड़ा 188 हो गया है। अस्पताल में शनिवार को ब्लैक फंगस के कारण 4 मरीजों की मौत भी हुई है। ब्लैक फंगस से अब तक 41 मौत हो चुकी हैं।

शनिवार को नहीं पहुंचे इंजेक्शन
मेडिकल कॉलेज में शनिवार को ब्लैक फंगस इलाज में कारगर इंजेक्शन और दवा नहीं पहुंचे। जिस कारण मरीजों को इंजेक्शन नहीं लग पाए। इससे पहले शुक्रवार को भी बहुत कम इंजेक्शन आए थे।
मरीज खुद जा रहे एक छुट्टी लेकर घर
ऑपरेशन के बाद उबरने वाले ब्लैक के मरीज खुद अस्पताल से छुट्टी लेकर घर जा रहे हैं। ऐसे में कारण बताया जा रहा है कि मरीजों को दवा नहीं मिल पा रही है। इस वजह से मरीज बाहर से ही दवा का प्रबंध कर रहे हैं।
कई हिस्सों में फैली हुई मिलती है फंगस
जबड़े वाले ऑपरेशन के अलावा मेडिकल कॉलेज में ईएनटी विभाग और नेत्र रोग विभाग की टीम ने भी 5 मरीजों के ऑपरेशन किए। इनमें 4 मरीजों के नाक के संक्रमण निकाला गया है। एक मरीज का आंखों का ऑपरेशन हुआ है। दंत विभाग, ईएनटी विभाग और नेत्र रोग विभाग और एनेस्थीसिया की टीम मिलकर ऑपरेशन कर रही हैं।
दोनों मरीज नए थे
शनिवार को जबड़ों के ऑपरेशन होने वाले मरीजों में सभी मरीज अस्पताल में एक या दो दिन पहले ही आए थे। इनमें से कुछ मरीज देरी से अस्पताल आए और कुछ अन्य अस्पतालों से रेफर होकर आए थे। इसलिए इन मरीजों में फंगस अंदर ही अंदर अधिक फैली हुई थी। रविवार को भी मेडिकल कॉलेज में जबड़े वाले मरीजों के ऑपरेशन होंगे।
एक मरीज का जबड़ा निकाला है
शनिवार को 2 मरीजों के जबड़े के ऑपरेशन हुए हैं। दोनों मरीज के जबड़ों में अंदर अधिक फंगस फैली थी। इस वजह से काफी समय लगा। एक मरीज का पूूरा जबड़ा भी निकाला गया है। शनिवार को 5 मई संदिग्ध मामले आए हैं 4 मरीजों की मौत हुई है। रविवार को भी ऑपरेशन होंगे।
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- डॉ. अनूप ग्रोवर, प्रोफेसर, दंत विभाग, मेडिकल कॉलेज, अग्रोहा।।
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