हरियाणा के हिसार में गुरु जंभेश्वर विज्ञान विश्वविद्यालय में आयोजित भाजपा के शक्ति केंद्र प्रमुख कार्यक्रम में सीएम को पदाधिकारियों के गुस्से का शिकार होना पड़ा।कार्यकर्ताओं की सुनवाई न होने पर पदाधिकारियों ने हाथ हिलाते हुए हूटिंग कर विरोध जताया और मंच पर जाकर पदाधिकारी का काटा गया दो हजार रुपये का चालान सीएम को दिखाया।
सीएम ने मंच से ही कहा कि 2 हजार रुपये मेरे से ले लो। जिस पर पदाधिकारियों ने इनकार कर दिया। मंच संचालकों ने भारत माता की जय के नारे लगवा कर विरोध को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन कुछ पदाधिकारी बैठक को बीच में ही छोड़कर चले गए।
भाजपा की हिसार, सिरसा, भिवानी, कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र की 36 विधानसभा क्षेत्र के शक्ति केंद्र प्रमुखों की बैठक जीजेयू के सभागार में आयोजित की गई। जिसमें 2068 कार्यकर्ताओं को पहचान पत्र बने बार कोड से जांच के बाद प्रवेश दिया गया। सीएम मनोहरलाल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। सीएम के संबोधन में करीब 30 मिनट बाद हूटिंग शुरू हो गई।
कुछ पदाधिकारियों ने हाथ हिलाकर कार्यकर्ताओं की सुनवाई न होने की बात कही। कुछ देर तक सीएम को अपना भाषण रोकना पड़ा। इस दौरान चार से पांच पदाधिकारी मंच पर पहुंच गए। इन पदाधिकारियों ने बताया जब उन्होंने पुलिस को भाजपा का कार्ड दिखाया तो उनका दो हजार रुपये का चालान काट दिया। सीएम ने मंच पर ही कहा कि दो हजार रुपये मेरे से ले लो।
सीएम ने कहा कि अधिकारियों को कार्यकर्ताओं की सुनवाई के निर्देश दिए गए हैं। आज ही शहरी निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने इस बारे निर्देश दिए हैं। शहरी निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने मंच पर आकर बताया कि आज हिसार के 12-13 विभागों के उच्च अधिकारियों की बैठक ली गई थी। जिसमें मंत्री, विधायक, मेयर, भाजपा जिला अध्यक्ष, कार्यकर्ताओं की सुनवाई करनी होगी। जिला अध्यक्षों की ओर से कार्यकर्ताओं की एक सूची अधिकारियों को सौंपी जाएगी। इन कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं की तो ठीक नहीं होगा।
सीएम ने कहानी सुनाकर दिलाया विश्वास
हूटिंग के बाद सीएम मनोहरलाल ने कार्यकर्ताओं को एक कहानी के जरिए अपना संदेश दिया। सीएम ने कहा कि पहले नलके पानी छोड़ देते थे। उनमें थोड़ा पानी डालकर चलाएं तो दोबारा से पानी आ जाता था। एक व्यक्ति नलके पर पहुंचा तो उसने देखा कि नलका पानी छोड़ चुका था, जग में पानी रखा हुआ था।
उसे संदेह हुआ कि अगर नलके ने पानी नहीं उठाया तो मैं प्यास से मर जाऊंगा। उसने विश्वास कर नलके में पानी डाला। पानी भरकर अपनी प्यास बुझाई। इसके बाद नलके के पास रखे जग पर लिखा कि पानी निकलेगा कृपया इस पर विश्वास जरूर करना। आप विश्वास करेंगे तो हर समस्या का समाधान निकलेगा। विश्वास डगमगा गया तो समाधान कठिन हो जाएगा।