कारपोरेट जगत के लिए सरकार 95 हजार करोड़ रुपये की राहत दे सकती है तो फिर केंद्र सरकार को देश के किसानों के कर्जा माफी में क्या परेशानी है। इनेलो संसदीय दल के नेता व हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला ने बुधवार को लोकसभा में केंद्र सरकार के समक्ष यह सवाल खड़ा किया। दुष्यंत चौटाला ने लोकसभा में किसानों को बिना ब्याज के तीन लाख रुपये की राशि केसीसी के तहत और चार प्रतिशत ब्याज पर केसीसी से 8 लाख रुपये की राशि किसानों को देने की मांग दोहराई।
उन्होंने मांग की कि पांच से दस लाख की आमदनी वाले लोगों के लिए 20 प्रतिशत आयकर को कम किया जाए। युवा सांसद ने कहा कि जीएसटी के तहत के उन नए प्रावधानों पर पुन: विचार करे जिसके तहत अधिकारियों को और अधिकार दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छोटे अधिकारियों को बड़े अधिकारियों के बराबर अधिकार देने से देश में इंस्पेक्टरी राज कायम हो जाएगा। उन्होंने सरकार ये यह भी पूछा कि नोटबंदी के बाद आयकर विभाग ने कितने लोगों को नोटिस दिए और इनमें कितने नोटिस का निदान हो गया और कितने नोटिस का निपटारा होना बाकी है।