केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में दूसरा स्थान प्राप्त करने वाली भूमि सावंत को दादी की बात चुभ गई। भूमि ने जब कक्षा पांच में पहला स्थान प्राप्त किया तो दादी ने उलाहना देते हुए कहा कि यह तो कोई भी कर सकता है। बात तो तब है जब दसवीं और 12वीं में मेरिट लाओ। दादी की यह बात बच्ची भूमि के दिल में बैठ गई। इसके बाद भूमि ने लगातार मेहनत की और हमेशा अपनी क्लास में प्रथम रही, लेकिन दसवीं कक्षा में मेरिट नहीं आने के कारण भूमि उदास नहीं हुई। उसने दोगुनी मेहनत के साथ 12वीं की तैयारी की और रविवार को दादी का सपना साकार कर दिखाया। खास बात यह है कि भूमि की दादी खुद आठवीं पास थीं। वो पढ़ना चाहती थीं, लेकिन इसी दौरान शादी हो जाने के कारण वे पढ़ नहीं सकीं। शादी के बाद घर-गृहस्थी में व्यस्त हो गईं। पोती भूमि को देखकर उन्हें अपना स्कूल और बचपन याद आता था। वो भूमि को हमेशा पढ़ने के लिऐ प्रेरित करती रहतीं थीं। हालांकि दादी ने 2012 में नेशनल ओपन स्कूल से आठवीं पास की।
छुट्टियों में दादा-दादी के पास आती है भूमि
भूमि सावंत का जन्म सिरसा में मामा के घर हुआ। यहां जवाहर नगर में भूमि के दादा-दादी रहते हैं। छुट्टियों में भूमि अपने दादा-दादी के पास आने से नहीं चूकती। रविवार को रिजल्ट की घोषणा के दौरान भूमि सिरसा में थी और हिसार आने का प्रोग्राम था। जैसे ही मेरिट की बात पता चली तो चंडीगढ़ जाना पड़ा। जवाहर नगर की भूमि सांवत 500 में से 497 अंक हासिल कर देश भर में दूसरे स्थान पर रही। भूमि ने गणित, केमेस्ट्री, फिजिक्स व कंप्यूटर में 100 अंक हासिल कर विज्ञान संकाय में पहला स्थान हासिल किया है।
शुरू से ही है पढ़ाई में होशियार
अमर उजाला से बातचीत में भूमि के दादा डॉ. रामसिंह सावंत ने बताया कि भूमि शुरू से ही पढ़ाई में होशियार है। पहली कक्षा से लेकर अभी तक उसने अपनी कक्षा से टॉप किया है। वह कभी दूसरे स्थान पर नहीं रही। भूमि का जन्म सिरसा में उसके मामा के यहां हुआ था। भूमि के पापा दीपक सांवत चंडीगढ़ में एनआईसी हरियाणा यूनिट में वैज्ञानिक के पद पर कार्यरत हैं। दीपक ने 1999 में मध्यप्रदेश के जिले सहडोल में केंद्र सरकार में ज्वाइन किया। भूमि ने अपनी पढ़ाई भी वहीं से शुरू की। इसके तीन-चार साल बाद सहडोल से रायसेन में दूसरी पोस्टिंग हुई। इसके बाद 2012 चंडीगढ़ में पोस्टिंग होने के चलते भूमि को चंडीगढ़ आना पड़ा।
बेटा-बेटी में फर्क नहीं करें
भूमि के दादा डॉ. रामसिंह सांवत ने बताया कि समाज को बेटा-बेटी में अंतर नहीं करना चाहिए। आजकल लड़कियां ही परिवार का नाम अधिक रोशन कर रही हैं। एचएयू में मौसम विज्ञान विभाग से सेवानिवृत्त रामसिंह ने बताया कि भूमि अपनी पढ़ाई के प्रति पूरी तरह समर्पित है। दसवीं के पहले अन्य एक्टीविटीज में भाग लेती थी, लेकिन दसवीं में मेरिट नहीं आने पर उसने पूरा ध्यान पढ़ाई में लगा दिया। राम सिंह ने बताया कि उनके दो बेटे दीपक और योगेश हैं। जिसमें से दीपक सांवत एनआईसी हरियाणा यूनिट में वैज्ञानिक के पद पर है। वहीं योगेश सावंत नोएडा में एक निजी कंपनी में नौकरी कर रहे हैं। भूमि के दूसरा स्थान प्राप्त करने पर दादा-दादी के बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।