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Hisar News: वारदात से पहले साथी ने प्रदीप काला को गाड़ी से नीचे उतरने से रोका था, पर उसने एक न सुनी

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बास। जीतपुरा गांव के पास हुई वारदात के बाद मौक पर पहुंची पुलिस जांच करते। - फोटो : Hisar
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सुरेश सहारण
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हिसार। गांव जीतपुरा के बस अड्डे पर बदमाशों ने जानबूझ कर अपनी डस्टर गाड़ी से गैंगस्टर प्रदीप उर्फ काला की क्रेटा कार को टक्कर मारी थी। बदमाशों का टक्कर मारने का मकसद गैंगस्टर प्रदीप को गाड़ी से उतरना था। टक्कर लगने के बाद प्रदीप के साथी अमित ने उसे नीचे उतरने से मना किया, लेकिन वह साथी की बात को अनसुना करते हुए गाड़ी से जैसे ही नीचे उतरा बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
पहले बदमाशों ने रेकी करवाई और वारदात के लिए सुनसान रास्ते को चुना। घटना के बाद यह पूरा वाक्य उपचाराधीन अमित ने परिजनों और परिचितों का बताया। उनका शहर के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। बता दें कि वर्ष 2017 में प्रदीप उर्फ काला ने प्रदीप जमावड़ी और उसकी मां की हत्या की थी। इसी का बदला लेने के लिए प्रदीप जमावड़ी गिरोह ने वारदात को अंजाम दिया। संवाद
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गाड़ी से जमावड़ी के एक युवक का आधार कार्ड मिला
परिचितों ने बताया कि मौके पर मिली डस्टर गाड़ी जमावड़ी गांव के रहने एक शख्स वाले की है। गाड़ी के अंदर से शराब की बोतल, आधार कार्ड और मोबाइल फोन मिला है। गाड़ी जमावड़ी की मिलने के बाद गैंगस्टर प्रदीप जमावड़ी गिरोह द्वारा वारदात करने का संदेश बढ़ गया है। हत्या की वारदात को अंजाम देने में जमावड़ी के दो युवकों का नाम भी एफआईआर में सामने आया है।
गैंगस्टर प्रदीप जमावड़ी की हत्या के बाद सुर्खियों में आया था डेढ़ लाख का इनामी बदमाश प्रदीप काला
हांसी। गैंगस्टर प्रदीप उर्फ काला ने 2002 में जुर्म की दुनिया में कदम रखा था। 22 अप्रैल 2002 में उस पर आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में सोनीपत में केस दर्ज हुआ था। प्रदीप उर्फ काला पर प्रदेश के 8 जिलों में हत्या, लूट, हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में करीब 30 से अधिक केस दर्ज हैं। प्रदीप उर्फ काला वर्ष 2017 में प्रदीप जमावड़ी और उसकी मां की हत्या के बाद सुर्खियों में आया था। इस दोहरा हत्याकांड के बाद पुलिस ने प्रदीप उर्फ काला पर डेढ़ लाख का इनाम घोषित किया था।
नौ साल तक एक-दूसरे पर जान छिड़कते थे प्रदीप जमावड़ी और प्रदीप काला
गैंगस्टर प्रदीप जमावड़ी और प्रदीप उर्फ काला के बीच नौ साल पुरानी दोस्ती थी। दोनों एक-दूसरे पर जान छिड़कते थे। प्रदीप अपने दोस्त काला पर आंख बंद कर विश्वास करता था। वह प्रदीप जमावड़ी से जेल में मिला था। दोनों का एक-दूसरे के घर आना-जाना था। एक बार जेल में जमावड़ी ने काला को नजर अंदाज किया था। वर्ष 2017 में दोनों के बीच खटास आ गई। 29 जुलाई 2017 को अर्बन एस्टेट में रहने वाले गैंगस्टर प्रदीप जमावड़ी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस दौरान बीच बचाव करने आई उसकी 62 वर्षीय मां सावित्री देवी को भी गोली लगी थी, दस दिन बाद उपचार के दौरान उनकी भी मौत हो गई थी। वहीं, प्रदीप जमावड़ी के एक अन्य साथी 35 वर्षीय चंद्रजीत उर्फ चिंटू को भी दो गोली लगी थी। पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ था। इस मामले में हिसार एसटीएफ टीम ने जुलाई 2018 में ग्रेटर नोएडा से इनामी बदमाश प्रदीप काला को गिरफ्तार किया था।
मकर संक्रांति पर लगाया था भंडारा
प्रदीप काला रोजाना गांव के मंदिर में जाता था। रविवार को मकर संक्रांति पर मंदिर में हवन व भंडारा का आयोजन किया गया था। उसने फेसबुक अकाउंट पर भी आध्यात्मिकता से जुड़ी पोस्ट शेयर की थी।
जयदीप की कार छीनकर भागे बदमाश
भाटोल रांगडान निवासी जयदीप ने पुलिस को बताया कि वह अपनी स्पार्क कार को लेकर भाटोल से हांसी के लिए चला था। जीतपुरा के नजदीक एक गाड़ी से उतरे 4-5 लोगों ने पिस्तौल दिखाकर उसकी कार छीन ली।
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प्रदीप उर्फ काला पर 30 से अधिक दर्ज केस..
बदमाश प्रदीप उर्फ काला के खिलाफ करीब 30 आपराधिक केस दर्ज हैं। प्रदीप के खिलाफ हिसार, बवानीखेड़ा, करनाल, सोनीपत सदर थाना, हांसी सदर थाना, रोहतक के महम थाना, नारनौंद थाना, हांसी शहर थाना, कैथल, जींद के जुलाना, नरवाना, फतेहाबाद के टोहाना, रतिया, जीआरपी हिसार, बास थाने में हत्या, हत्या के प्रयास, जान से मारने की धमकी, लूट समेत अन्य धाराओं में मामले दर्ज हैं।
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