हिसार। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में डीएसपी कप्तान सिंह के गनमैन विक्रम द्वारा कथित रूप से पिस्तौल से गोली मारकर पत्नी रिंकू की हत्या करने के मामले में जेल में बंद तत्कालीन थाना प्रभारी विनोद कुमार की जमानत याचिका अदालत ने शनिवार को खारिज कर दी।
निरीक्षक ने पिछले दिनों अदालत में अर्जी लगाकर कहा था कि पुलिस ने सरकार से केस चलाने की मंजूरी नहीं ली, इसलिए मुझे केस से डिस्चार्ज किया जाए। इस मामले में डीएसपी कप्तान सिंह, तत्कालीन शहर थाना प्रभारी विनोद कुमार, नई अनाज मंडी चौकी इंचार्ज रहे एएसआई रविंद्र, दूसरा गनमैन कुलदीप व विक्रम जेल में बंद हैं।
गौरतलब है कि जींद के तत्कालीन डीएसपी कप्तान सिंह के गनमैन सिपाही विक्रम ने 16 अप्रैल 2020 को सिरसा रोड स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में अपनी पत्नी रिंकू की हत्या कर दी थी। जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि आरोपी ने पत्नी की हत्या सोटे से की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के सिर पर दो प्रवेश घावों का और दो निकास घावों का जिक्र है। 19 मई 2020 को प्राप्त हुई एफएसएल रिपोर्ट में इन घावों को गोली से लगना बताया।
इसके अलावा मेडिकल बोर्ड ने 12 सितंबर 2020 और 21 नवंबर 2020 को दो बार अपनी राय देकर मौत का कारण गोली लगना बताया था। उसके बावजूद पुलिस सोटे पर अड़ी रही थी। शिकायतकर्ता के अधिवक्ता मनमोहन राय ने बताया कि आरोपी निरीक्षक की केस से डिस्चार्ज करने संबंधी याचिका खारिज कर दी गई है और कोर्ट ने चार्ज फ्रेम के लिए 31 अगस्त तक का समय दिया है।