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बड़ेसरा हत्याकांड : पत्नी के सामने लेक्चरर पर हमलावर दागते रहे गोलियां, हवा में हथियार हिला बोले-गवाह बने तो पीतल भर दयांगे

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हिसार। निजी अस्पताल में उपचाराधीन लेक्चरर अजीत उर्फ बालिया। - फोटो : Hisar
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सुरेश सहारण
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हिसार। चुनावी रंजिश के चलते बड़ेसरा गांव में बुधवार शाम हथियारों से लैस हमलावरों ने शिक्षक अजीत उर्फ बालिया को उनकी पत्नी के सामने ही गोलियों से छलनी कर दिया। वहीं, बबलू के चाचा महेंद्र की हत्या कर दी गई। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर हथियार को हवा में लहराते हुए ग्रामीणों को धमकी दी कि अगर गवाह बने तो शरीर में पीतल भर दयांगे। अजीत को जख्मी हालत में हिसार के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के मुताबिक उसके शरीर में 10 गोलियां लगी थीं, जिसमें तीन निकाल दी गईं हैं। अभी बालिया आईसीयू में है। पुलिस विभाग की तरफ से अभी तक परिवार को कोई सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई है।
चुनावी रंजिश में हो चुकी पांच हत्याएं, सभी में अजीत पर था शक
निजी अस्पताल में उपचाराधीन अजीत उर्फ बालिया की पत्नी संगीता ने बताया कि उनके पति खानक गांव में सरकारी स्कूल में संस्कृत लेक्चरर पद पर कार्यरत हैं। पिछले पंचायत चुनाव में अजीत ने कुनबे के बबलू की पत्नी सुदेश रानी की चुनाव प्रचार में मदद की थी और वह विजयी हुई थीं। इसी बात को लेकर बलजीत, बलराज, राजकुमार, विकास, विक्रम, अभिमन्यु, जोरा ने झूठी आरटीआई लगाकर सुदेश को सरपंची पद से हटा दिया था, तभी से रंजिश चली आ रही है।
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इस बार फिर से बबलू का चाचा भूप सिंह भारी मतों से जीत गया। दूसरी बार उनके कुनबे के सदस्यों द्वारा सरपंची जीतने पर ज्यादा रंजिश रखने लगे। रंजिश के चलते दूसरे पक्ष के पांच लोगों की हत्या हो चुकी है। हत्या के आरोप में सुदेश का पति बबलू भिवानी जेल में बंद है। दूसरे पक्ष ने हर बार अजीत का नाम एफआईआर में लिखवाया, लेकिन पुलिस जांच में उसे केस से बाहर कर दिया गया। संवाद
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चुनाव से पहले रची साजिश, अब दिया वारदात को अंजाम
संगीता के अनुसार दो नवंबर को गांव में पंचायत चुनाव था। चुनाव से दो-तीन दिन पहले सिलक, उपन, राजकुमार, बलराज, जोरा, विकास, विक्रम, अभिमन्यु, बलराज और राजकुुमार के बेटों ने अजीत और उसके भाई की हत्या की साजिश रची। उस समय वे कामयाब नहीं हुए।
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