हिसार। धोखाधड़ी, घटिया या मिलावटी सामान बेचने और सेवाओं में लापरवाही के मामले बढ़ने के साथ ही उपभोक्ता भी जागरूक हो रहे हैं। जिला उपभोक्ता फोरम में आईं शिकायतों से पता चलता है कि जिस गति से मामले बढ़ रहे हैं, उसी गति से निस्तारण भी किया जा रहा है। इसी का नतीजा है कि उपभोक्ता बेझिझक फोरम में पहुंच रहे हैं। जिला उपभोक्ता फोरम में अब तक 28,815 मामले दर्ज हुए, जिनमें से 25,606 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि 3,209 शिकायतें विचाराधीन हैं।
उपभोक्ता फोरम का उद्देश्य हैं कि लोगों को उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए और बिना किसी संकोच के फोरम की मदद लेनी चाहिए। आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे अधिक हाउसिंग सोसायटियों से जुड़े सामने आए हैं। इससे जाहिर है कि आशियाना खरीदने में जीवनभर की पूंजी लगाने के बावजूद लोगों के साथ धोखाधड़ी हो रही है। फोरम में इस तरह के 6,290 मामले दर्ज हुए, जिनमें से 6,216 में पीड़त के हक में फैसला सुनाया जा चुका है। इसके बाद सबसे ज्याद शिकायतें इंश्योरेंस कंपनियों की हैं। क्लेम देने में देरी या आना-कानी को लेकर 5,506 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 3,417 मामलों का निपटान किया गया है। उपभोक्ताओं को समय पर न्याय दिलाने के लिए फोरम द्वारा लोक अदालतों का आयोजन भी किया जा रहा है। संवाद
मिलावट और घटिया सामान के मामले बढ़े
रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं और खाद्य पदार्थों में मिलावट या अधिक कीमत लेकर घटिया सामान बेचने की शिकायतें भी तेजी से बढ़ीं हैं। ऐसे मामलों में उपभोक्ताओं को मजबूरी में फोरम का सहारा लेना पड़ रहा है। मिलावट और सामान्य उपभोक्ता वस्तुओं से जुड़े 8,649 मामले अब तक फोरम में पहुंचे हैं।
बैंक, टेलीकॉम और बिजली निगम से जुड़े मामले भी बढ़े
बैंकों से संबंधित 894 शिकायतें आईं हैं, जिनमें से 687 का निपटान कर दिया गया। टेलीकॉम कंपनियों के खिलाफ 1,077 शिकायतें आईं और सभी का निस्तारण कर दिया। बिजली निगम की ओर से अधिक बिल भेजने या बिलों में गड़बड़ी के मामलों में भी लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे 2,595 मामले दर्ज हुए जिनमें से 2,540 का निपटान करते हुए फोरम ने बिजली निगम पर जुर्माना भी लगाया है।
तीन साल तक की सजा का प्रावधान
उपभोक्ता फोरम के आदेशों की पालना न करने पर दोषी को तीन साल तक की कैद और एक लाख रुपये तक जुर्माने की सजा हो सकती है। फोरम अब ऐसे मामलों में पहले से अधिक सख्ती बरत रहा है, ताकि उपभोक्ताओं को समय पर न्याय और आर्थिक राहत मिल सके।
बिल लेना न भूलें
उपभोक्ताओं को अधिक सजग और जागरूक रहने की जरूरत है। कोई भी सामान या सेवा लेते समय उसका पक्का बिल अवश्य लें, ताकि किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में उपभोक्ता फोरम में दावा किया जा सके।
सामान्य कागज पर शिकायत, खुद लड़ सकते हैं केस
आम नागरिक धोखाधड़ी की शिकायत सामान्य कागज पर लिखकर उपभोक्ता फोरम में दे सकता है। इसके लिए अधिवक्ता रखना अनिवार्य नहीं है, उपभोक्ता स्वयं भी अपना केस लड़ सकता है।
कैसे करें शिकायत
उपभोक्ता फोरम में शिकायत करने के लिए राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1915 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा 8800001915 पर एसएमएस भेज सकते हैं या consumerhelpline.gov.in वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए रजिस्ट्रेशन और दस्तावेज अपलोड करने की जरूरत होती है, या सीधे जिला उपभोक्ता आयोग में अपनी शिकायत कर सकते हैं।
जिला उपभोक्ता के वेब पोर्टल ई-जागृति के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
शिकायत करते समय ध्यान रखने योग्य बातें
सबूत: बिल, रसीदें, ईमेल, तस्वीरें जैसे सभी सहायक दस्तावेज संभाल कर रखें।
स्पष्टता: अपनी समस्या, संबंधित पक्ष (कंपनी/विक्रेता) और आप क्या चाहते हैं (पैसे वापसी, बदलाव, हर्जाना) स्पष्ट रूप से बताएं।
समय सीमा: जहां तक संभव को अपनी शिकायत जल्द से जल्द दर्ज कराएं।
फीस: जिला उपभोक्ता फोरम में अब कोई भी उपभोक्ता 5 लाख रुपए तक के दावे के लिए नि:शुल्क आवेदन कर सकता है।
शिकायतें और निपटान की स्थिति
विभाग शिकायतें — निपटान — लंबित
बैंक — 894 — 687 — 207
रेलवे — 31 — 29 — 02
एयरलाइंस — 105 — 92 — 13
इंश्योरेंस — 5506 — 3417 — 2089
टेलीकॉम — 1077 — 1077 — 00
पोस्टल — 752 — 749 — 03
हाउसिंग — 6290 — 6216 — 74
बिजली — 2595 — 2540 — 55
मेडिकल — 468 — 381 — 87
घरेलू सामान — 1406 — 1403 — 03
शिक्षा — 519 — 491 — 28
रोड ट्रांसपोर्ट — 112 — 112 — 00
-
मिलावट व सेवा में कमी के मामलों का ब्योरा
विभाग शिकायतें निपटान लंबित
मिलावटी वस्तुएं 8649 8438 211
ऑटोमोबाइल 91 06 85
इलेक्ट्रॉनिक्स वस्तु — 97 — 20 — 77
कृषि — 92 — 02 — 90
फाइनेंस — 96 — 14 — 82
डोमेस्टिक फ्यूल — 12 — 12 — 00
ट्रांसपोर्ट — 03 — 00 — 03
उपभोक्ता काफी जागरूक हो चुके हैं और अपने हक के लिए फोरम तक पहुंच रहे हैं। फोरम भी समयबद्ध सुनवाई कर उपभोक्ताओं को न्याय देने का प्रयास कर रहा है। आम उपभोक्ताओं के लिए हेल्पलाइन नंबर 1915 शुरू किया गया है। इसके अलावा ई-जागृति पोर्टल पर ऑनलाइन भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
- जेएस ग्रोवर, चेयरमैन, जिला उपभोक्ता फोरम हिसार