हिसार के जागरूकता शिविर में भाग लेते विद्यार्थी।
हिसार। एडीजीपी डाॅ. एम रवि किरण ने कार्यालय की पीआरओ शाखा द्वारा इस वर्ष नवंबर तक लगाए गए जागरूकता शिविरों और जागरूकता शिविरों से मिले परिणामों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि मंडल स्तर पर ड्रग की बढ़ती समस्या पर अंकुश लगाने के लिए तीन स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। पहला स्तर ड्रग तस्करों पर शक्ति से अंकुश लगाना, दूसरा ड्रग की डिमांड को नियंत्रित करने के लिए ड्रग पीड़ितों की पहचान और उन्हें उपचार के लिए प्रेरित कर सही मार्ग पर लाना। तीसरा स्तर है युवा पीढ़ी को जागरूक करना ताकि युवा इस बुराई से बचे रहे। इस साल शिक्षण संस्थानों में प्रत्येक माह 15 से 20 कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। अब तक मंडल के 200 शिक्षण संस्थानों में जागरूकता शिविरों का आयोजन कर 70 हजार से अधिक युवाओं को जागरूक किया है।
उन्होंने बताया कि कार्यालय की पीआरओ शाखा युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए समय-समय पर जागरूकता शिविर लगा रही है। युवाओं को नशे से होने वाले नुकसानों के बारे में बताकर उन्हें नशे से दूर रहने बारे जागरूक किया जा रहा है। छात्रों को बताया जा रहा है कि वे अपने घर परिवार को ड्रग मुक्त बनाने में क्या भूमिका निभा सकते है। इन कार्यक्रमों को रुचिकर, ज्ञानवर्धक बनाने के लिए स्थानीय भाषा, अनेक स्लोगन व उदाहरणों के साथ-साथ छात्रों की समझ व उनकी रुचि का विशेष ध्यान रखा जाता है। जागरूकता शिविर को रोचक व ज्ञानवर्धक बनाने के लिए छात्रों को प्रश्न करने के लिए आमंत्रित किया जाता है व वक्ताओं द्वारा भी अनेक प्रश्न छात्रों से किए जाते है।