हांसी। गर्मियों के सीजन में नींबू की मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसके भाव घटने का नाम नहीं ले रहे हैं। बाजार में अंगूर 80 से 100 रुपये प्रति किलो मिल जाते हैं। जबकि नींबू के भाव दुगुने चल रहे हैं। वर्तमान में खुदरा में नींबू करीब 200 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। भाव अधिक होने के कारण खरीदार भाव पूछकर रह जाते हैं।
अधिक बिक्री नहीं होने से व्यापारी भी दो-चार किलो नींबू ही लेकर आते हैं। इनमें से भी पूरे नहीं बिकते हैं। नींबू सूखने पर सीधा नुकसान छोटे व्यापारियों को झेलना पड़ता है। ऐसे में अधिकांश व्यापारी नींबू रखते तक नहीं है। भाव पूछने के बाद ग्राहक भी 100-200 ग्राम से ही काम चलाता है। सर्दी में नींबू का उत्पादन अधिक होता है। बागवानी करने वाले किसानों के पास नींबू काफी होता है।
मांग कम होने के कारण किसानों को नींबू के दाम नहीं मिल पाते। गर्मी शुरू होते ही क्षेत्र के किसानों का नींबू उत्पादन कम हो जाता है, जबकि इनकी मांग बढ़ जाती है। ऐसे में सब्जी मंडी के व्यापारी गुजरात, चेन्नई और राजस्थान से नींबू मंगवाते हैं। गर्मी शुरू होने के बाद बाहर से नींबू ज्यादा मंगाया जा रहा है। जिस कारण नींबू की कीमत में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है।
व्यापारी बोले- भाव बढ़ने से घटी बिक्री
सब्जी विक्रेता श्रवण ने बताया कि इस बार बारिश नहीं होने से नींबू की फसल की ज्यादा आवक नहीं हुई है। इसके चलते भावों में तेजी है। पहले लग रहा था कि रमजान के बाद भावों में काफी कमी आएगी, लेकिन लंबे समय से यही भाव स्थिर है।
सब्जी विक्रेता गोपी ने बताया कि वह तीन-चार किलो नींबू ही लाते हैं। इनमें से भी पूरे नहीं बिकते। दो-तीन दिन बाद नींबू सूखने लगते हैं। लगातार गर्मी का मौसम रहने से फसल नहीं पक रही है। इसके कारण बंपर आवक नहीं है। आवक बढ़ने पर ही भावों में गिरावट होगी। उन्होंने बताया कि इस गर्मी में 100-200 ग्राम नींबू ले जाने वाले ही ग्राहक आ रहे हैं।
गर्मी में बढ़ जाती है मांग
गर्मियों में नींबू की मांग सबसे अधिक रहती है। लू व ताप घात से बचने के लिए लोग नींबू की शिकंजी पीते हैं। लेकिन इस बार नींबू आम ग्राहक का बजट बिगाड़ रहे हैं।