हिसार। शहर और जिले को बेसहारा पशु मुक्त करने के लिए मंगलवार सुबह नगर निगम कार्यालय में जिला नगरायुक्त नीरज ने पशुपालन विभाग व पुलिस प्रशासन के साथ बैठक की। इस दौरान निगम अधिकारियों ने शहर में पशु पकड़ने का महा अभियान चलाने के लिए 15 पुलिसकर्मियों की मांग की। इस पर बैठक में मौजूद डीएसपी मुख्यालय ने कहा कि वह एसपी के साथ विचार-विमर्श करने के बाद फैसला लेंगे। वहीं, उकलाना व बरवाला नगरपालिका को टेंडर लगाकर पशु पकड़वाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला नगरायुक्त नीरज के अलावा अतिरिक्त निगमायुक्त डॉ. प्रदीप हुड्डा, पुलिस विभाग से डीएसपी मुख्यालय कमलजीत व पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. सुभाष जांगड़ा आदि मौजूद रहे। वहीं, हांसी नगर परिषद और उकलाना, बरवाला व नारनौंद नगरपालिका के अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़े। निगम अधिकारियों ने बताया कि हिसार से पकड़े जाने वाले पशुओं को गोअभयारण्य भिजवाया जाएगा, जबकि हांसी, उकलाना, बरवाला व नारनौंद से पकड़े जाने वाले पशुओं को वहां की गोशालाओं में भिजवाया जाएगा, जिन्होंने पशु लेने के लिए अपनी सहमति दी है। इस दौरान बेसहारा पशुओं का आंकड़ा पूछने पर नारनौंद नगरपालिका के अधिकारी बोले, उनके क्षेत्र में एक भी बेसहारा पशु नहीं है। हांसी नगर परिषद के अधिकारियों ने बताया कि बेसहारा पशुओं को पकड़ने का टेंडर लग चुका है।
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निगम ने 13-13 कर्मचारियों की दो टीमों का किया गठन
निगम अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने शहर में अभियान चलाने के लिए दो टीमों का गठन किया है, जिसमें 13-13 कर्मचारी शामिल होंगे। दोनों टीमों में एक-एक सहायक सफाई निरीक्षक भी है।
शहर से पकड़े 44 बेसहारा पशु
उधर, निगम की पशु पकड़ने वाली टीम ने मंगलवार को शहर से 44 बेसहारा पशु पकड़े और उन्हें गोअभयारण्य भिजवाया। इस दौरान टीम ने प्रेम नगर, प्रीति नगर, बालसमंद रोड व दिल्ली रोड पर यह अभियान चलाया।
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ठेकेदार ने बंदर पकड़ने किए बंद
निगम के ठेकेदार ने शहर से बंदर पकड़ने बंद कर दिए हैं। इसे लेकर निगम की तरफ से ठेकेदार को पत्र लिखा गया है। बता दें कि निगम ने अभी हाल ही में शहर से बंदर पकड़ने का ठेका दिया था। इसके बाद ठेकेदार ने शहर से बंदर पकड़ने भी शुरू कर दिए थे। मगर 27 जनवरी से उसने बंदर पकड़ने बंद कर दिए हैं। उधर बंदरों के न पकड़े जाने से लोग काफी परेशान हैं, क्योंकि शहर के कई क्षेत्रों में बंदरों का आतंक छाया हुआ है।