हिसार। शहर से बेसहारा पशु पकड़ने का पखवाड़ा खत्म होते ही नगर निगम ने टीम के सदस्यों की संख्या घटा दी। कर्मचारियों की संख्या कम होने से प्रतिदिन पकड़े जाने वाले पशुओं की संख्या भी घट गई है। पशु पकड़ने वाली टीम में शामिल समाजसेवी ने निगम प्रशासन से पशु पकड़ने के लिए और कर्मचारी देने की मांग की है।
बता दें कि मुख्यमंत्री के आदेश पर सभी निकायों में बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए 15 से 29 फरवरी तक एक विशेष अभियान चलाने के आदेश दिए थे। इस अभियान के शुरू होने से पहले गोसेवा आयोग के चेयरमैन ने भी शहर का दौरा किया था। नगर निगम की तरफ से इस अभियान के लिए एक विशेष टीम का गठन किया था। इसमें निगम की पशु पकड़ने वाली टीम के अलावा तहबाजारी के कर्मचारियों को भी शामिल किया था ताकि ज्यादा संख्या में पशु पकड़े जा सकें। मगर 29 फरवरी को अभियान पूरा होते ही निगम ने तहबाजारी के कर्मचारियों को टीम से वापस ले लिया।
50 का औसत 30 पर पहुंचा
पहले पशु पकड़ने वाली टीम में 22 कर्मचारी शामिल थे। इस टीम ने पखवाड़े के दौरान प्रतिदिन औसतन 52 पशु पकड़े। निगम की दो गाड़ियां डोभी नंदीशाला के दो-दो चक्कर लगाती थीं। इस पखवाड़े के दौरान निगम ने शहर से 785 नंदी पकड़े। वहीं अब पखवाड़ा खत्म होने के बाद टीम में 14 कर्मचारी बचे हैं। ये कर्मचारी दिनभर में औसतन 32 नंदी पकड़ रहे हैं।
शहर की सड़कों पर अभी भी ढाई हजार नंदी
शहर की सड़कों पर अभी भी ढाई हजार नंदी हैं। समाजसेवी सत्यकाम आर्य की मानें तो डोभी नंदीशाला ही 5 हजार नंदी लेने को तैयार है। वहीं कुरुक्षेत्र गोशाला ने भी एक हजार नंदी लेने पर अपनी सहमति दी है।