एसडीएम कार्यालय की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि जिस व्यक्ति की आरसी होगी या डीएल होगा, उन्हें खुद आना होगा। किसी दूसरे व्यक्ति को यह नहीं सौंपा जाएगा। इसे वितरण का समय भी सुबह 9 से शाम 5 बजे तक है। ऐसे में कामकाजी लोगों को इस काम के लिए एक दिन की छुट्टी लेनी पड़ेगी, किराया भी खर्च करना पड़ेगा। बड़ी बात यह कि लोग अपने घर पर आरसी-डीएल मंगवाने के लिए 35 रुपये पहले ही दे चुके हैं। अब यह 35 रुपये उनको लौटाए भी नहीं जा रहे।
रोजाना 200 से 220 डीएल और 150-170 आरसी भेजना बंद
हिसार एसडीएम कार्यालय से रोजाना 100 से 110 डीएल तथा 80 से 90 आरसी को रजिस्ट्री से भेजा जाता है। हांसी एसडीएम कार्यालय से 50 से 60 डीएल तथा 40 से 50 आरसी भेजी जाती हैं। बरवाला उपमंडल से करीब 30 से 40 डीएल तथा 20 से 30 आरसी भेजी जाती हैं। नारनौंद उपमंडल से रोजाना 30 से 40 डीएल तथा 20 से 30 आरसी रोजाना भेजी जाती हैं।
8 जनवरी को मैंने आरसी बनवाने के लिए दी थी। करीब तीन महीने बाद आरसी नहीं पहुंची तो अब यहां आया हूं। अगर आरसी नहीं भेज रहे तो कम से कम लोगों को फोन कर जानकारी तो दें। विभाग की ओर से कोई हेल्पलाइन नंबर भी नहीं दिया गया है। आम आदमी किससे संपर्क करे। - हर्ष, निवासी मिलगेट, हिसार।
डेढ़ महीने पहले ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदन दिया था। ड्राइविंग लाइसेंस बनने का मैसेज आया था। प्रशासन की ओर से कोई मैसेज नहीं आया। अब खुद ही पता करते करते यहां आया हूं। अगर डिलिवरी चार्ज लिए हैं तो वह सुविधा देनी चाहिए थी। दो विभागों के बीच का खामियाजा आम आदमी क्यूं भुगते। -राजेश लौरा, बालसमंद।
मैंने आरसी के लिए कई बार चक्कर लगाए हैं। इसके बाद भी मुझे आरसी नहीं मिली। अब यहां भी आरसी नहीं मिली। डुप्लीकेट आरसी के लिए दोबारा आवेदन करना पड़ेगा। उसकी फीस अलग से चुकानी पड़ेगी। अधिकारियाें की एक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। गलत करने वालों पर कार्रवाई हो। -अंकित शर्मा, गांव हरिता।
एमओयू खत्म होने के बाद डाक विभाग ने आरसी-डीएल के बैग वापस भेज दिए। अब हमने इन डीएल-आरसी को ई दिशा केंद्र में वितरित कराना शुरू किया है। एमओयू बहाल होने के बाद समस्या का समाधान हो जाएगा। जब तक एमओयू बहाल नहीं किया जाता तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर अपनी आरसी-डीएल आवेदक खुद आकर ले सकते हैं। - ज्योति मित्तल, एसडीएम, हिसार।