धरना कमेटी के सदस्य और पूर्व सरपंच सत्यवान दूहन ने बताया कि गांव वर्षों से पेयजल संकट से जूझ रहा है। दो दिन पहले चंडीगढ़ में प्रशासनिक अधिकारियों और धरना कमेटी के बीच बैठक हुई थी, लेकिन वार्ता बेनतीजा रही। ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि जब तक पानी नहीं तब तक कोई समझौता नहीं होगा। एक जून के बाद होने वाले किसी भी टकराव के लिए सीधे तौर पर प्रशासन और सरकार जिम्मेदार होंगे।
भाजपा के एक नेता ने धरने पर 51 हजार रुपये चंदे देने की घोषणा की। इस पर अभय चौटाला ने चुटकी लेते हुए कहा कि वह चंदा देकर सहानुभूति लेना चाहता है। अगर लोगों का हितैषी है तो भाजपा छोड़ ग्रामीणों के हक की लड़ाई लड़ो।
सिरसा जिले के गांव बरूवाली प्रथम की ग्राम पंचायत ने उपायुक्त शांतनु शर्मा से मुलाकात की। ग्रामीणों ने बताया कि पंजाब से आने वाली नहरों के पंजाब क्षेत्र में हेड के पास से ऊंचा कर दिया गया है। ऐसे में पीने के लिए पानी भी नहीं आता है। दडबी में लगाए गए टयूबवेल तक की मशीनरी निकालकर जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने खुर्दबुर्द कर दी है, जिससे लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। हालात यह है एक साल पहले पेयजल के लिए बिछाई गई लाइन जगह-जगह से लीक हो चुकी है।
फतेहाबाद जिले के टोहाना शहर के वार्ड नंबर 20 स्थित मसाला फैक्टरी एरिया में पेयजल संकट से परेशान लोगों ने रोष जताया। लंबे समय से पानी की किल्लत से जूझ रहे 15 से 20 लोगों ने जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता शशिकांत से मुलाकात कर समस्या के समाधान की मांग की। अधिकारियों ने नई पाइप लाइन बिछाने का आश्वासन दिया।