हांसी। स्थानीय अनाज मंडी में परमल धान की सरकारी खरीद को लेकर किसानों और मंडी प्रशासन आमने-सामने आ गए हैं। किसानों का आरोप है कि विधायक विनोद भयाना की मौजूदगी में दो ढेरियों की बोली लगने के बाद मंडी प्रशासन ने उसे रद्द कर दिया जबकि मंडी सचिव बसाऊ राम का दावा है कि शुक्रवार को 290 क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है।
किसानों का कहना है कि बोली लगने के बाद ढेरियां रद्द करना उचित नहीं है। किसान यूनियन ने चेतावनी दी कि जल्द खरीद शुरू नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। विधायक ने शुक्रवार को अनाज मंडी पहुंचकर पीआर धान की सरकारी खरीद प्रक्रिया का शुभारंभ करते किसानों को भरोसा दिलाया था कि उनकी फसल का एक-एक दाना खरीदा जाएगा।
इस दौरान दो ढेरियों की बोली लगाकर 2461 रुपये प्रति क्विंटल भाव भी तय किया गया। फसल में नमी की मात्रा भी जांची गई थी। किसानों का आरोप है कि शाम होते-होते दोनों ढेरियों की बोली रद्द कर दी गई। मंडी प्रशासन की ओर से धान को पंखे से सुखाने और सफाई जैसी वजह बताई गई।
किसानों का कहना है कि वे खेत से धान सुखाकर ही मंडी ला रहे हैं। गांवों में भी किसान पंखों से धान सुखाने की व्यवस्था कर रहे हैं। किसानों ने सवाल उठाया कि यदि धान में नमी या गुणवत्ता संबंधी कमी थी तो विधायक की मौजूदगी में बोली कैसे लगाई गई और रेट कैसे तय हुआ। किसानों का आरोप है कि प्रक्रिया में बार-बार बदलाव से उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है।
इस मामले में भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धुपूर के पदाधिकारी मंडी पहुंचे। किसान नेता दशरथ मलिक ने प्रशासन से बोली रद्द करने का कारण स्पष्ट करने और खरीद शुरू कराने की मांग की। नसीब सातरोड ने कहा कि किसानों को और परेशान नहीं किया जाना चाहिए। किसानों ने विधायक से भी हस्तक्षेप की मांग की है।
:::::::::::::::::::::
ढेरी की बोली रद्द करना गलत है। किसानों को परेशान न किया जाए। खरीद प्रक्रिया जल्द शुरू हो। इस मामले में विधायक हस्तक्षेप कर प्रशासन से बातचीत कर खरीद शुरू करवाएं। रामावतार तायल, राज्य प्रधान, हरियाणा मंडी एसोसिएशन।
:::::::::
जिस धान की बोली लगाई गई थी, उस ढेरी में पंखा लगाकर धान की सफाई करने के लिए कहा गया था। इसके बाद ही खरीद की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। शुक्रवार कोमंडी में 290 क्विंटल धान की खरीद हुई है। मंडी में नियमानुसार धान खरीद की प्रक्रिया जारी है।
- बसाऊ राम, मंडी सचिव।
6000 क्विंटल धान की आवक, अब तक बाजरे की फसल नहीं पहुंची
स्थानीय मंडी में अब तक पीआर और 1509 किस्म के धान की कुल 6000 क्विंटल आवक हो चुकी है। 1509 धान की खरीद आढ़तियों द्वारा की जा रही है। वहीं, मंडी में अभी तक बाजरे की आवक शुरू नहीं हुई है।