नारनौंद। हार की टीस मन में थी पर यकीन था कि जीत सच की होगी। पंच पद के चुनाव में एक मत से हारीं रितु रानी के लिए शुक्रवार का दिन विश्वास की कसौटी पर मुहर लगाने वाला रहा। नारनौंद की सिविल कोर्ट कम इलेक्शन ट्रिब्यूनल के आदेश पर शुक्रवार को बीडीपीओ कार्यालय नारनौंद में हुई दोबारा मतगणना (रीकाउंटिंग) में चुनाव का नतीजा बदल दिया। न्याय की चौखट पर रितु रानी का साढ़े तीन साल का सब्र शुक्रवार को रंग लाया और वह हारी हुई बाजी एक मत से जीत गईं।
गांव पेटवाड़ के वार्ड नंबर-2 के पंच पद के लिए हुए पंचायत चुनाव में कमलेश को 119 और रितु रानी को 118 वोट मिले थे। कमलेश को एक वोट से विजेता घोषित कर दिया गया था। चुनाव परिणाम से असंतुष्ट रितु रानी ने हांसी की सिविल कोर्ट कम इलेक्शन ट्रिब्यूनल में चुनाव याचिका दायर कर मतों की दोबारा गिनती कराने की मांग की थी। याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने रीकाउंटिंग के आदेश दिए।
शुक्रवार को दोपहर 12 बजे बीडीपीओ कार्यालय नारनौंद में मतों की दोबारा गिनती की गई। करीब एक घंटे तक चली प्रक्रिया एसडीएम नारनौंद विकास यादव के नेतृत्व तथा ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार नरेंद्र गौतम की निगरानी में संपन्न हुई। रीकाउंटिंग के दौरान बीडीपीयो सत्यवान व दोनों प्रत्याशी रितु रानी और कमलेश भी मौजूद रहीं।
मतगणना के दौरान कमलेश के दो वोट अमान्य पाए गए। नियमों के अनुसार दो मतपत्रों के रद्द होने के बाद कमलेश के वैध मत घटकर 117 रह जबकि जबकि रितु रानी के 118 मत वैध पाए गए। इस प्रकार परिणाम बदल गया और रितु रानी एक वोट से विजेता घोषित कर दी गईं। रीकाउंटिंग की पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
25 नवंबर 2025 को हुआ था चुनाव :
गौरतलब है कि पेटवाड़ गांव का पंचायत चुनाव 25 नवंबर 2025 को हुआ था। चुनाव के लगभग साढे़ तीन साल बाद रीकाउंटिंग रिपोर्ट ने परिणाम बदल दिया और हार का सामना करने वाली प्रत्याशी रितु रानी को विजेता बना दिया।
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पेटवाड़ के वार्ड नंबर-2 में पंच पद के लिए मतों की दोबारा गिनती कराई गई। रितु रानी को एक मत से विजेता घोषित किया गया है।
विकास यादव, एसडीएम, नारनौंद