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आरोप: शिकायत देने गए दो भाइयों को पुलिस ने पीटा

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हिसार। जिले के गांव जुगलान के दो चचेरे भाइयों ने सदर थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब वे नागरिक अस्पताल की दो महिला डॉक्टरों के खिलाफ मंगलवार को शिकायत देने थाने पहुंचे तो पुलिस ने मदद करने के बजाय उन्हें धमकाया और डेढ़ घंटे तक रिमांड रूम में जमकर पीटा।
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उन्होंने इस घटना के बारे में किसी को बताने पर ऐसे मामलों में फंसाने की धमकी दी जिसमें जमानत भी नहीं मिलेगी। घटना के बाद दोनों भाई बुधवार को नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे। उन्होंने एसपी से गुहार लगाई है कि वे उनकी मदद करें, अन्यथा पुलिस उन्हें किसी बड़े मुकदमे में फंसा सकती है।

शिकायतकर्ता सिद्धांत ने बताया कि उनकी पत्नी मुस्कान (27) तीन महीने की गर्भवती थी और 15 दिसंबर को अचानक ब्लीडिंग शुरू हो गई थी। उन्होंने अपनी पत्नी को नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया, जहां महिला डॉक्टरों ने अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। पहले डॉक्टर ने कहा कि मुस्कान की बच्चेदानी खराब है और दवाइयां दे दीं। इसके बाद भी हालत में सुधार नहीं हुआ तो सिद्धांत ने 22 दिसंबर को फिर से डॉक्टर से संपर्क किया। दूसरी डॉक्टर ने भी वही कहा कि बच्चेदानी खराब है और यह अपने आप ठीक हो जाएगा।
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इसके बाद सिद्धांत ने अपनी पत्नी को निजी अस्पताल में दिखाया, जहां अल्ट्रासाउंड से पता चला कि मुस्कान की बच्चेदानी में 3 एमएम का कचरा जमा हुआ था, जिसकी वजह से पेट में दर्द और ब्लीडिंग हो रही थी। डॉक्टर ने चेतावनी दी कि अगर कचरा नहीं निकाला गया तो जच्चा और बच्चा दोनों की जान को खतरा हो सकता है। सिद्धांत का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उसकी पत्नी के गर्भ में तीन महीने के बच्चे की मौत हो गई।

पुलिस पर टॉर्चर करने का आरोप : जुगलान गांव निवासी सिद्धांत और उनके चचेरे भाई संदीप ने बताया कि डॉक्टरों के खिलाफ वे सदर थाने में शिकायत देने पहुंचे। आरोप है कि थाना प्रभारी ने पूछा कि शिकायत लेकर क्यों आए हो और धमकाने लगे। इस पर जब उन्होंने मोबाइल में वीडियो में शुरू की तो एक सादी वर्दी में पुलिसकर्मी आया और कहा कि साहब, इन्हें समझाना बेकार है।

इसके बाद पुलिस ने उनका फोन छीन लिया। आरोप है कि एसएचओ और अन्य पुलिसकर्मियों ने रिमांड रूम में करीब डेढ़ घंटे तक दोनों भाइयों के साथ मारपीट की और झूठा मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी। बुधवार को दोनों भाई अस्पताल पहुंचे जहां उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि थाने से दो पुलिसकर्मी आए थे और उन्हें धमकी दी कि इस मामले की शिकायत न करें, क्योंकि पुलिस ने गलती मान ली है।
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