जिलेवासियों के लिए राहत की बात यह है कि सिटी वैल्यू कम मिलने वाले किसी भी सैंपल में वायरस के नए स्ट्रेन के लक्षण नहीं मिले हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग की तरफ से दिल्ली स्थित लैब में जीनो टाइप टेस्ट के लिए भेजे गए सभी सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
अब इससे स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है, क्योंकि इन सभी सैंपल की सिटी वैल्यू 25 से कम थी। इसलिए विभाग को इन सभी पर वायरस का नया स्ट्रेन होने की आशंका थी। विभाग ने इस तरह के करीब 100 सैंपल एनआरसीई लैब में एक सप्ताह तक माइनस 70 डिग्री के तापमान पर रखे थे। इसके बाद इनमें से 10 सैंपल जीनो टाइप टेस्ट के लिए दिल्ली स्थित लैब में भेजे गए थे, ताकि वायरस के नए स्ट्रेन का पता लगाया जा सके।
बता दें कि वायरस के नए स्ट्रेन की शुरुआत ब्रिटेन से हुई थी और वहीं इसके सबसे अधिक मामले मिले थे। जब इन सभी के कोरोना टेस्ट हुए थे तो सभी की सिटी वैल्यू 25 से कम मिली थी। इस बीच ब्रिटेन से हवाई यात्रा कर काफी लोग भारत आए थे और उसी दौरान करीब 46 लोग हिसार भी आए थे। इसे देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी विभागों को आदेश जारी किए थे कि ब्रिटेन से लौटे लोगों को ट्रेस कर पहले रैपिड और बाद में आरटीपीसीआर टेस्ट के सैंपल लिए जाए। इसी बीच किसी की सिटी वैल्यू 25 सेे कम मिलती है तो उनके सैंपल स्टोर किए जाएं। चिकित्सकों के मुताबिक 25 से कम सिटी वैल्यू मिलने वाले मरीज गंभीर हालत के माने जाते हैं। इसलिए उनको समय पर उपचार मिलना भी जरूरी है।
10 से अधिक सैंपल भेजने के आदेश
उधर, दिल्ली स्वास्थ्य विभाग की ओर से विभागीय अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं कि अबकी बार जीनो टाइप टेस्ट के लिए 10 से अधिक सैंपल भेजे जाएं। खास बात यह है कि अभी जिले में केवल 8 से 10 सैंपल ही ऐसे हैं, जिनकी सिटी वैल्यू कम है। फिलहाल यह सभी सैंपल एनआरसीई लैब में माइनस 70 डिग्री पर एक सप्ताह तक रखे जाएंगे।
जीनो टाइप टेस्ट के लिए भेजे गए सभी सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है। काफी खुशी है कि हमारी ओर से भेजे गए 10 सैंपल में से किसी में भी वायरस के नए स्ट्रेन के लक्षण नहीं मिले हैं।
- डॉ. जया गोयल, डिप्टी सीएमओ, आईडीएसपी इंचार्ज, हिसार।