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...जब भाजपा के मध्प्रदेश के मंत्री उमाशंकर ने मेयरों को सरकार के खिलाफ ही दे दिए टिप्स

Mon, 27 Jun 2016 01:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
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भाजपाई मंत्री उमाशंकर - फोटो : bureau
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अखिल भारतीय महापौर परिषद की प्रदेश स्तरीय बैठक में भाजपा के मध्य प्रदेश के मंत्री उमाशंकर मेयरों को सरकार के खिलाफ खड़े होने की बात कह गए। उन्होंने मेयरों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सरकारी एजेंडों को पास मत करो।
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इससे सरकार को पता चल जाएगा कि मेयरों के पास क्या पावर है। दरअसल सात नगर निगमों की मेयरों ने जब मध्यप्रदेश के बीजेेपी के उच्च शिक्षा मंत्री एवं परिषद के संरक्षक उमाशंकर गुप्ता के सामने अपनी पीड़ा सुनाई तो मंत्री ने कुछ इस तरह के टिप्स दे दिए, जो सरकार के खिलाफ हो गए।

हालांकि बाद में उन्होंने साफ कहा कि वे राजनीति से प्रेरित होकर परिषद के लिए काम नहीं करते। मंत्री ने मेयरों से कहा कि अधिकारियों द्वारा दिए जाने वाले सरकार के एजेंडे आप क्यों शामिल करते हैं।
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ये मेयर अथवा महापौर की पावर होती है कि वे हाउस में इसे रखें या ना रखें। उन्होंने सीधे कहा कि उन्हें रोक दो, फिर देेखो अपनी पावर। पहले आप अपने एजेंडे रखो। सभी मेयर एकमत बोले कि अधिकारी जो खुद के एजेंडे डलवाते हैं प्राथमिकता उन्हें मिलती है। हमारे एजेंडे तो वैसे ही लटकते रहते हैं। मंत्री ने जवाब दिया कि ये गलती आप की है।

...तो बैठक छोड़ दो
मंत्री ने मेयरों से यह भी पूछा कि क्या हाउस की बैठकों में आप लोग पुराने पास हुए प्रस्ताव व एजेंडों की रिव्यू रिपोर्ट मांगते हो। मेयर ने कहा हां जी मांगते हैं। अधिकतर तो पेंडिंग ही रहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा क्यों करते हैं। पहले रिव्यू करो। पुराने एजेंडे पर काम हुए तो ठीक है वरना बैठक छोड़ दो। जब तक पुराने पर काम न हो हाउस बुलाने का क्या फायदा।

मेयरों ने मांगी डीडी पावर
सभी मेयर की आपस में मंत्री के सामने चर्चा हुई की उन्हें डीडी पावर चाहिए। मंत्री उमाशंकर ने साफ कहा कि डीडी पावर तो जेल भिजवाने की पावर है। आप लोग सेंक्शन यानी प्रशासनिक पावर की डिमांड करो। इसके अलावा एसीआर लिखने की पावर मांगो।

जनता के मुद्दे लो
महापौर परिषद के संरक्षक उमाशंकर गुप्ता ने पार्षदों को टिप्स भी दिए कि जनता के मुद्दे लो। उन्हें साथ इन्वॉल्व करो। अगर जनता व पार्षद यानी हाउस साथ है तो अधिकारी किसी काम पर अड़ंगा नहीं लगा पाएंगे।

कोई गड़बड़ हो तो कागज चलाओ
रोहतक की मेयर रेनू डाबला ने परिषद की बैठक में खूब प्रश्न उठाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी कुछ भी करते रहते हैं उनकी सुनवाई नहीं होती। वे आखिर क्या करें। इस पर मंत्री ने कहा कि उनकी लिखित में शिकायत करें।

हाउस के प्रस्ताव संबंधित हैं हो तो प्रोसीडिंग रोकें। लिखित में सरकार को शिकायत करें। लिखे हुए कागज पर जरूर एक्शन होता है। मौखिक से कुछ नहीं होने वाला। अधिकारी भी लिखे हुए कागज से डरता है।

करनाल की मेयर बोली - विधानसभा में भी बैठने दिया जाए
करनाल की मेयर रेनू गुप्ता ने बैठक में अजीब सवाल उठाया। रेनू गुप्ता ने कहा कि हाउस की बैठक में एमएलए, एमपी आते, बैठते हैं। हमें भी विधानसभा में बैठने देना चाहिए। इस पर मंत्री ने साफ कहा कि ऐसा नहीं हो सकता।
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