अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पर हमला बोला है। उन्होंने खट्टर को थोपा हुआ सीएम बताया है।
मलिक ने कहा कि उनके पास अपना विजन नहीं है। भाजपा आज खट्टर को सीएम प्रोजेक्ट कर चुनावी मैदान में उतरे तो दस सीट भी नहीं जीत पाएगी। वे जाट धर्मशाला में मीडिया को संबोधित कर रहे थे।
मलिक ने बताया कि खट्टर सरकार के पास कोई एजेंडा नहीं है। हवा सिंह सांगवान की ओर से सीएम को पाकिस्तानी कहने जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सीएम खट्टर बाहर के व्यक्ति नहीं है। भारत-पाकिस्तान का बंटवारा धर्म के नाम पर हुआ था।
जो लोग जब यहां आए थे तो हिन्दुस्तानी थे। बंटवारे के बाद जो लोग यहां आए उन्होंने बहुत कुछ खोया था। ऐसी बयानबाजी ओछी और छोटी मानसिकता है। इस अवसर पर प्रदेश महासचिव महेन्द्र पूनिया, प्रवक्ता रामभगत मलिक, दलीप सहारण, कृष्ण किरमारा, सूबेदार ओमप्रकाश, निर्मला दहिया, जोगेन्द्र मय्यड़, सतबीर सिंह, कुलदीप डबास आदि मौजूद थे।
जाटों सहित पांच जातियों के साथ धोखा
मलिक ने कहा कि हरियाणा सरकार ने नोटिफिकेशन वापिस लेकर जाटों सहित पांच जातियों के साथ धोखा किया है। इस जाट विरोधी फैसले के बारे में पीएम से लेकर उन 132 सांसदों के पास पत्र लिखा जाएगा, जो जाट बाहुल्य क्षेत्र से सांसद चुनकर संसद में पहुंचे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार पंचायत चुनाव को लेकर ऐसे फैसले ले रही है, जिससे जाट आरक्षण आंदोलन को किसी प्रकार से टाला जा सके। सरकार को जो निर्णय पंचायत चुनाव में थोपना चाहती है वह पहले विधानसभा में लागू होना चाहिए। भाजपा कुलदीप बिश्नोई की तरह से गैर जाट की राजनीति करना चाहती है। जिसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ेगा।
फैसले का इंतजार
उन्होंने कहा कि 7 अक्तूबर को अदालत का पंचायत चुनाव को लेकर फैसले का इंतजार है। समिति ने 16 अक्तूबर को हिसार में प्रदेश इकाई की बैठक बुलाई है।
इस बैठक में समिति की प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा की जाएगी। धर्मपाल छोत के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि छोत ने मय्यड़ में रैली में इस्तीफा दे दिया था। अब 16 अक्तूबर को ही नए प्रदेशाध्यक्ष का ऐलान किया जाएगा।