जेजेपी सुप्रीमो अजय सिंह चौटाला
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पानी की मांग को लेकर 62 दिनों तक चले आंदोलन में जीत हासिल करने के बाद रविवार को हांसी के चानौत गांव में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेशभर से राजनीतिक दलों के नेता, किसान संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। कार्यक्रम में पहुंचे जेजेपी सुप्रीमो अजय सिंह चौटाला ने कहा कि चानौत गांव ने पानी के लिए लंबी लड़ाई लड़ी और आखिरकार अपनी मांग मनवाने में सफल रहा। इस दौरान अजय सिंह चौटाला ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे पर तीखी टिप्पणी की उन्होंने कहा कि इनको कुर्सी से उतारकर पीटना पड़ेगा, बल्कि देश छोड़ने पर मजबूर करना पड़ेगा।
जो संघर्ष करता है, जीत उसी की होती है- अजय सिंह चौटाला
बता दें कि आंदोलन के दौरान गांव की मांग पर शहरी भाखड़ा पाइपलाइन में टी लगने के बाद ग्रामीणों ने इसे अपनी बड़ी जीत बताते हुए इसी की खुशी में यह आयोजन किया गया। जननायक जनता पार्टी के सुप्रीमो अजय सिंह चौटाला ने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे गांव के संघर्ष की जीत है। उन्होंने कहा, जो संघर्ष करता है, उसकी हमेशा जीत होती है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे पर की तीखी टिप्पणी
दिल्ली के जंतर-मंतर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में अजय चौटाला ने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इनको कुर्सी से उतारकर पीटना पड़ेगा, बल्कि देश छोड़ने पर मजबूर करना पड़ेगा। इस दौरान अजय चौटाला ने दावा किया कि उन्होंने पहले भी राजस्थान कैनाल में पेंचर कर पानी पहुंचाने का काम किया था।
अजय चौटाला ने कहा कि शुरुआत में सरकार कह रही थी कि टी नहीं लगाई जायेगी, लेकिन जनहित में फैसले बदलने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि कानून जनता के हित के लिए जनप्रतिनिधि बनाते हैं, इसलिए जब जनता की मांग उचित हो तो समाधान निकालना ही पड़ता है। उन्होंने किसान आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा कि लंबा संघर्ष करने के बाद ही किसानों की मांगें मानी गई थीं।