हिसार। महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट के पास इंटिग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी) प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस प्रोजेक्ट को मूर्त रूप देने से पहले प्रोजेक्ट के लिए पर्यावरणीय अनुमति ली जाएगी। 22 दिसंबर को इसके लिए सुनवाई होगी। इस दौरान आमजन की तरफ से रखे जाने वाली शिकायतों व सुझावों को भी शामिल भी किया जाएगा। एयरपोर्ट के पहले चरण में 2988 एकड़ में से 1605 एकड़ जमीन को विकसित किया जाएगा।
एयरपोर्ट के पास आईएमसी के लिए 2988 एकड़ जमीन फाइनल की गई है। इसका निर्माण अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर के तहत किया जा रहा है। इस परियोजना पर करीब 4680 करोड़ रुपये की लागत अनुमानित है। यहां निवेश की क्षमता 32 हजार 417 करोड़ रुपये आंकी गई है। परियोजना के सिरे चढ़ने से करीब 1.25 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। यह आईएमसी हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान व पंजाब के कच्चे माल को कांडला समुद्री कोर्ट तक जल्द पहुंचाने का कार्य करेगा।
पहले फेज में किस कार्य के लिए कितनी जमीन का होगा इस्तेमाल
पहले फेज में 1605 एकड़ भूमि में से इंडस्ट्री एवं लॉजिस्टिक के लिए 980.20 एकड़, 61 प्रतिशत कॉमर्शियल प्रयोग के लिए 39.02 एकड़, 2 प्रतिशत पब्लिक व सेमी पब्लिक के लिए 48.60 एकड़, 3 प्रतिशत रेजिडेंशियल के लिए 34.90 एकड़, 2 प्रतिशत सर्विसेज के लिए 28.50 एकड़, 2 प्रतिशत ग्रीन एंड वाटर बॉडी के लिए 242.52 एकड़, 15 प्रतिशत रोड व यूटिलिटीज के लिए 231.26 एकड़ जमीन का इस्तेमाल किया जाएगा।
ये उद्योग-धंधे होंगे स्थापित
आईएमसी में एयरोस्पेस एंड डिफेंस के लिए 343.20 एकड़, फूड प्रोसेसिंग के लिए 172 एकड़, इंजीनियरिंग एंड फैब्रिकेशन के लिए 289.80 एकड़, रेडीमेड गारमेंट के लिए 92.20 एकड़, कॉमन रेडी शेड्स के लिए 12.73 एकड़, लॉजिस्टिक पार्क के लिए 70 एकड़ भूमि निर्धारित की गई है।
परियोजना को सिरे चढ़ाने के लिए ये हो चुका है कार्य
प्रदेश सरकार एसएचए-एसएसए ड्राफ्ट को मंजूरी दे चुकी है। क्लस्टर के लिए 100 प्रतिशत जमीन कब्जे में ले ली गई है। एनपीजी की अनुशंसा मिल चुकी है। मास्टर प्लान पीडीआर और कॉस्ट एस्टीमेट तैयार हो चुके हैं। प्रदेश सरकार से बिजली व पानी की आवश्यक स्वीकृति मिल चुकी है।
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आईएमसी को इनका भी मिलेगा लाभ
आईएमसी से डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर अंबाला की दूरी 208 किलोमीटर, डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर रेवाड़ी की दूरी 156 किलोमीटर होगी। इसके अलावा आईसीडी कापसहेड़ा की दूरी 182 किलोमीटर व औद्योगिक पार्क नांगल चौधरी की दूरी 189.5 किलोमीटर होगी। वहीं, कांडला सी पोर्ट यहां से 1055 किलोमीटर की दूरी पर होगा। इनका फायदा भी आईएमसी को मिलेगा।
एयरपोर्ट के हैंगर व ऑफिस स्पेस को लीज पर देने की तैयारी, टेंडर लगायाप्रदेश सरकार ने महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट के हैंगर व ऑफिस स्पेस को लीज पर देने की तैयारी कर ली है। इसके लिए हरियाणा सिविल एविएशन डिपार्टमेंट की तरफ से टेंडर लगा दिया गया है। टेंडर नोटिस के अनुसार एयरपोर्ट के तीन हैंगर व ऑफिस स्पेस को 5 साल की लीज पर दिया जाएगा। बाद में दो बार 5-5 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। ये हैंगर छोटे विमानों की असेंबली, ड्रोन रिसर्च एंड ट्रेनिंग, एयर एम्बुलेंस ऑपरेशन, फ्लाइंग ट्रेनिंग और हेलिकॉप्टर पार्किंग आदि कार्यों के लिए इस्तेमाल किए जा सकेंगे।
आईएमसी की पर्यावरणीय अनुमति के लिए 22 दिसंबर को सुनवाई होगी। मौके पर आमजन को पूरे प्रोजेक्ट से अवगत करवाया जाएगा। इस दौरान उनके सुझाव व आपत्तियां भी ली जाएंगी। - कपिल, एसडीओ, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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आईएमसी के नजदीक इंडस्ट्री पहले से हैं स्थापित
- मैटल इंडस्ट्री
- इंजीनियरिंग एंड फैब्रिकेशन इंडस्ट्री
- लॉजिस्टिक्स, कॉटन व टेक्सटाइल
- एग्रीकल्चर में फूड प्रोसेसिंग
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आईएमसी परियोजना का विवरण
परियोजना का क्षेत्र 2988 एकड़ (फेज एक-1605 एकड़ व फेज दो-1383 एकड़)
परियोजना की लागत 4694.46 करोड़ रुपये
(फेज एक-2435.95 करोड़ रुपये व फेज दो-2258.52 करोड़ रुपये)
निवेश की क्षमता 32417 करोड़ रुपये
रोजगार की संभावना 1.25 लाख
आईएमसी के साथ ये परियोजनाएं भी प्रस्तावित
- 4 लेन एनएच-52 (संगरूर से अंकोला)
- 4 लेन एनएच-09 (मालौट से पिथौरागढ़)
- दिल्ली से हाई स्पीड रेल की कनेक्टीविटी 3.8 किलोमीटर
- आईएमसी में फ्रेट स्टेशन-3.5 किलोमीटर