एयरपोर्ट से पहली औपचारिक उड़ान को एक महीना हो चुका है, लेकिन आज तक एयरपोर्ट अथॉरिटी ने पर्यावरण विभाग और पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से एनवायरेेंट क्लीयरेंस तथा एनओसी नहीं ली है। यहां तक कि पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड में तो एनओसी लेने के लिए आवेदन तक नहीं किया गया है। इसके अलावा भी कई विभागों से एनओसी नहीं ली गई है। ऐसे में एयरपोर्ट के भविष्य के विकास को लेकर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। एनवायरमेंट क्लीयरेंस को लेकर अब 3 अक्तूबर को उपायुक्त अशोक कुमार मीणा एयरपोर्ट अथॉरिटी सहित संबंधित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक लेंगे और संभवत एयरपोर्ट के लिए ली जाने वाली विभिन्न एनओसी को लेकर रास्ता साफ किए जाने पर मंथन होगा। हालांकि उद्घाटन के बाद भी हिसार से चंडीगढ़ के लिए उड़ने वाली फ्लाइट का शेड्यूल और बुकिंग ऑनलाइन नहीं की गई है।
11 हजार फीट प्रस्तावित है रनवे का विस्तार
तीन अक्तूबर को होने वाली बैठक में एनवायरमेंट असेस्मेंट इंपैक्ट (ईआईए) क्लीयरेंस को लेकर चर्चा की जाएगी। बैठक में प्रोजेक्ट डायरेक्टर, हवाई अड्डा अथॉरिटी सहित अन्य विभागों के अधिकारी भाग लेंगे। बता दें कि एयरपोर्ट पर इंटीग्रेेटिड एविएशन हब के दूसरे फेज में रनवे का विस्तार किया जाना है। इसकी लंबाई बढ़ाकर 11 हजार फीट की जानी प्रस्तावित है। इस पर करीब 164 करोड़ की लागत आनी है। मगर इससे पहले पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की तरफ से एनवायरमेंट असेस्मेंट इंपैक्ट क्लीयरेंस लेनी पड़ेगी।
10 अक्तूबर तक मंत्रालय को भेजनी होगी रिपोर्ट
डीसी सभी अधिकारियों के साथ एनवायरमेंट क्लीयरेंस को लेकर पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की तरफ से उठाई गई टिप्पणियों के संबंध में विचार-विमर्श करेंगे। इस दौरान क्लीयरेंस को लेकर एक फाइनल रिपोर्ट तैयार की जाएगी। बैठक की रिपोर्ट 10 अक्तूबर तक मंत्रालय को भेजनी होगी। बता दें कि एयपोर्ट से उड़ान सेवा के शुरू होने से कुछ दिन पहले इस मामले को अधिकारियों की बैठक हुई थी। अब बुधवार को होने वाली बैठक में एयरपोर्ट के प्रोजेक्ट डायरेक्टर, प्लानिंग कंसलटेंट, इंटीग्रेटिड एविएशन हब हिसार के डायरेक्टर, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर, हरियाणा स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, वन विभाग, वन्यजीव विभाग, नगर निगम अधिकारी भाग लेंगे।
इसलिए जरूरी है एनवायरमेंट क्लीयरेंस
वर्ष 2006 में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर एनवारयरमेंट इंपैक्ट असेस्मेंट अथॉरिटी का गठन किया गया था। इस अथॉरिटी का काम बड़े प्रोजेक्ट से पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करना है। यह अथॉरिटी सामाजिक, आर्थिक प्रभाव का भी आंकलन करती है। एयरपोर्ट जैसे बड़े प्रोजेक्ट के मामले में आम जनता की भी राय ली जाती है। ऐसे कई स्तरों पर जांच के बाद पर्यावरण अनुमति मिलती है, ताकि आम जनता और सामाजिक हितों का नुकसान न हो।
ये बाधाएं भी आ रही हैं सामने
एनवायरमेंट क्लीयरेंस के अलावा अन्य बाधाएं भी हैं, जो रनवे के विस्तार के आड़े आ रही है। इनमें बगला रोड से ऑब्जर्वेशन होम को शिफ्ट करना, चंडीगढ़ व धान्सू रोड को बंद करना, बीपीसीएल गैस बॉटलिंग प्लांट को शिफ्ट करना, एचपीएनएल की 132केवी व 11केवी लाइन को शिफ्ट करना, राणा माइनर को शिफ्ट करना, तीन हजार एकड़ अतिरिक्त जमीन की व्यवस्था करना आदि शामिल है।
एक माह बाद भी फ्लाइट का शेड्यूल नहीं किया ऑनलाइन
उधर एयरपोर्ट के उद्घाटन को एक महीना बीत गया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 3 सितंबर को हिसार से चंडीगढ़ के लिए उड़ान भरकर शुभारंभ किया था। लेकिन अभी तक हिसार से चंडीगढ़ और चंडीगढ़ से हिसार के लिए उड़ान का कोई शेड्यूल ऑनलाइन नहीं किया गया है। यही नहीं हिसार एयरपोर्ट का जो हेल्पलाइन नंबर दिया गया है, वह भी नॉट रिचेबल दिखा रहा है। उधर हिसार के विधायक और एयरपोर्ट अथॉरिटी चार बार अगले हफ्ते से शेड्यूल ऑनलाइन होने का दावा कर चुके हैं। स्पाइस जेट कंपनी हिसार-चंडीगढ़ की ओपनिंग होने से ही इनकार कर चुकी है।
हमें मीटिंग को लेकर लेटर मिला है। इससे ईआईए क्लीयरेंस से जुड़े सभी विभागों के अधिकारियों को बैठक में बुलाया गया हैै।
एनके जैन, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर।
तीन अक्तूबर को हवाई अड्डे को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक होगी। जहां तक एनवायरमेंट क्लीयरेंस और पॉल्यूशन बोर्ड की एनओसी का सवाल है तो उसकी अब दूसरे फेज में जरूरत पड़ेगी। इसे ले लिया जाएगा।
अशोक कुमार मीणा, डीसी, हिसार।