सिसाय पुल पर कचरा जलाने से हवा में फैला प्रदूषण।
हांसी। एक तरफ जहां हवा का स्तर पहले ही प्रदूषण से खराब हो चुका है वहीं खुले में जलाए जा रहे कचरे के ढेर से हालत और बिगड़ रही है। शहर में शाम होते ही सरेआम कचरे के ढेर जलाए जा रहे हैं। शहर में कचरे के ढेर को जलाने से रोकने के लिए प्रशासन के कोई प्रबंध नहीं किए। न ही वार्डों के नोडल अधिकारी इस पर ध्यान दे रहे हैं।
खासतौर पर दुकानदार और रेहड़ी संचालक कचरे को आग लगा रहे हैं। शाम को दुकान बंद करने से पहले कई दुकानदार बाजारों में दुकान से निकले कचरे के ढेर को जला रहे हैं। वहीं रेहड़ी संचालक घर जाने से पहले रेहड़ी के सामान से बचे अवशेषों को जला रहे हैं। पराली जलाने और दिवाली पर आतिशबाजी के बाद से हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है। वहीं बची हुई कसर कचरे के ढेर को जलाकर पूरी की जा रही है। बता दें कि सोमवार को हवा का स्तर बेहद खराब रहा। सुबह से ही आसमान में स्मॉग छाया रहा। शाम होते ही स्मॉग गहराने लगा।
14 दिन पहले बनाई थी कमेटी, नहीं हुई कोई कार्रवाई
एसडीएम कुलभूषण बंसल ने 14 दिन पहले शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर बैठक में पूरे शहर को पांच जोन में बांटा था। प्रत्येक जोन के लिए एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया था। इसमें वार्ड नंबर 1 से 6 तक तहसीलदार अनिल कुमार, वार्ड 7 से 12 तक नायब तहसीलदार, वार्ड 13 से 18 तक नगर परिषद के कार्यकारी अभियंता, वार्ड 19 से 24 तक नगर परिषद के एमई, वार्ड 25 से 27 तक नगर परिषद के ईओ को नोडल अधिकारी बनाया गया था। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को सभी जोन के लिए ओवर ऑल इंचार्ज भी नियुक्त किया गया था। लेकिन नोडल अधिकारी कोई निगरानी नहीं कर पा रहे हैं।