सिरसा रोड स्थित उत्तरी क्षेत्र कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान (टीटीसी केंद्र) में आयोजित तीन दिवसीय कृषि दर्शन किसान मेला सोमवार को संपन्न हो गया। मेले के समापन पर प्रदर्शनी में लगी सभी स्टॉलों के संचालकों को शील्ड देकर पुरस्कृत किया गया। तीन दिनों में 70 हजार से अधिक किसानों व आमजन ने भाग लेकर मेले में कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा नई व आधुनिक तकनीक एवं मशीनरियों की जानकारियां ली। मेले में हरियाणा प्रदेश के अलावा आसपास के प्रदेशों से भी हजारों किसान आए।
मेले में इस बार देश व विदेश से लगभग 240 से अधिक कंपनियों ने भाग लेकर अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। मेले में किसानों को सोलर ऊर्जा के फायदे और मिलने वाली सब्सिडी, पराली से होने वाली आय व पर्यावरण संरक्षण, खारे पानी से पैदावार, मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ाने की जानकारी, खेती समस्याओं की जानकारी व उनके समाधान, विशेष छूट व सब्सिडी का प्रावधान, कृषि संबंधित लोन की सुविधा, खेती मशीनरी की जानकारी, उन्नत बीज, कीटनाशक व उवर्रक की जानकारी, आधुनिक व नई तकनीक वाले कृषि यंत्रों की जानकारी के अलावा इरीगेशन, ग्रीन हाउस, पंप व पाइप तकनीक की जानकारी भी उपलब्ध करवाई गई। किसान कैसे कम लागत में कम भूमि पर अधिक पैदावार करें, इस बारे में नई तकनीकों से रूबरू करवाया गया।
बच्चों ने किया कृषि मेले का दौरा
कृषि मेले में बाल भारती हाई स्कूल, जवाहर नगर के बच्चों ने दौरा किया और मशीनों, खाद, बीज व हेल्थ संबंधित कई जानकारी हासिल की। स्कूल की तरह अन्य स्कूल के बच्चों ने भी किसान मेले का दौरा किया और अपने ज्ञान को बढ़ाया।
इस बार मेले की ये रही खास बातें
इस बार मेले में पराली के प्रबंधन से संबंधित कई नई व आधुनिक मशीनों और तकनीकों के बारे में किसानों को बताया गया तथा पराली न जलाने के लिए जागरूक किया। पराली को जलाने से होने वाले नुकसान तथा इसको मिट्टी में कैसे मिक्स किया जा सकता है तथा खाद में कैसे बदला जा सकता है इसके बारे में भी जानकारी दी गई। मेले में शामिल हरियाणा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी ने किसानों को मौके पर ही बीज मुहैया करवाए। किसानों के मनोरंजन के लिए कई प्रकार की खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया और विजेता किसानों ने पुरस्कृत किया गया। प्रतियोगिताओं में किसानों की खास रूचि दम दिखाओ और बुल राइडिंग में दिखी।