बिना इंसाफ नहीं होगा शव का अंतिम संस्कार : टिकैत
कमेटी ने जो फैसला लिया है उसे बताने के लिए किसान नेता राकेश टिकैत मंच पर आए। उन्होंने कहा कि प्रशासन से बातचीत की, लेकिन बात सिरे नहीं चढ़ी। मृतक धर्मपाल का परिवार मजबूत है नहीं तो अक्सर ऐसे मामलों में परिवार टूट जाता है। सरकार हठधर्मिता पर आ चुकी है। दिल्ली के आंदोलन का बदला लेना चाहती है। झूठे मुकदमें दर्ज कर रही है। यहां के लोग तीन माह से धरने पर बैठे हैं। बगैर इंसाफ के नहीं उठेंगे। धर्मपाल के पार्थिव शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। उनके पार्थिव शरीर को धरना स्थल के पास रख कर रोड जाम करेंगे। अगर, यहां से हम हारे तो हर रोज हम पर अत्याचार होंगे।
गोशाला में लगाया भंडारा
महापंचायत में आने वाले लोंगों के लिए भंडारे की व्यवस्था गोशाला के अंदर की हुई थी। चाय और पानी की व्यवस्था स्टेडियम के अंदर थी। गर्मी और उमस के बीच भी लोग वहीं पर बैठे रहे।
ट्रैक्टर-ट्राली में शव रखकर निकले
महापंचायत और श्रद्धांजलि सभा के दौरान दो मिनट का मौन रखकर मृतक धर्मपाल को श्रद्धाजंलि दी गई। शाम सही चार बजे मृतक के पार्थिव शरीर को डी फ्रिज के साथ ट्रैक्टर ट्रॉली में रखा। इसके बाद धर्मपाल अमर रहे के नारे से सैकड़ों की संख्या में आए। लोग पीछे पीछे धरना स्थल पर सड़क जाम करने के लिए चले। शव को धरना स्थल पर रखा गया। उसके बाद लोग सड़क के बीच में ही बैठ गए। वहां पर वक्ताओं ने लोगों को संबोधित किया। उसके बाद बैठक के बाद कमेटी के सदस्य धरना स्थल पर पहुंचे और प्रशासन के साथ बनी सहमति के बारे में बताया।
भीड़ को देख तंबू को बढ़ाया
धरना कमेटी ने स्टेडियम में लोगों के बैठने के लिए 150 से 200 फुट तक का तंबू लगाया था। इसमें पांच हजार लोगों के बैठने की क्षमता थी। लेकिन लोगों सैकड़ों की संख्या में वहां पर पहुंचे। इसे देख तंबू की लंबाई बढ़ा कर 450 की गई।
कई प्वाइंट मुख्यमंत्री के साथ होने वाली मीटिंग में होंगे तय : चढूनी
किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने बताया कि बहुत सी बातें ऐसी है जोकि मीडिया के सामने सार्वजनिक नहीं कर सकते। वहीं इसके अलावा भी कई प्वाइंट ऐसे हैं जोकि मुख्यमंत्री के साथ होने वाली मीटिंग में तय होने हैं। मसलन पूर्व में राखी में झुलसने वालों के परिवारों को डीसी रेट नौकरी देने की बात हो या जिन किसानों की दो एकड़ से कम भूमि थर्मल में आई थी उन्हें डीसी रेट पर नौकरी देने की बात हो और ज्वांइट खाते वालों को भी सीएम की मीटिंग के बाद मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जल्द ही मुख्यमंत्री से मीटिंग होगी। इन सब बातों के बावजूद गोशाला संघर्ष कमेटी ने साफ कर दिया कि लंबित मामलों का 15 दिन में समाधान करने की बात यदि प्रशासन पूरी नहीं करता हो धरना फिर से भी लगाया जा सकता है। धर्मपाल के शव का दाह संस्कार नहीं हो जाता धरना पूर्व की भांति जारी रहेगा।
बैठक में ये रहे मौजूद
प्रशासन और धरना कमेटी के बीच हुई वार्ता के दौरान प्रशासन की तरफ से जिला उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी, पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह, एएसपी पूजा वशिष्ठ, एसडीएम राजेंद्र कुमार, अशवीर नैन, नारनौद के एसडीएम विकास यादव, जिला परिषद के सीईओ प्रीतपाल, मार्केटिंग बोर्ड के प्रशासक जगदीप ढांडा, खेदड़ पावर प्लांट से चीफ इंजीनियर जेपी धीमान, एसई प्रवीण अरोड़ा, सतीश राठी आदि मौजूद रहे। वहीं किसानों की कमेटी की तरफ से गुरनाम सिंह चढूनी, सुरेश कोथ, शमशेर नंबरदार, विकास सीसर, पूर्व सरपंच शमशेर, रवि आजाद, धर्मपाल, सतेंद्र सहारण, कुलदीप खरड़ जोगिद्र नैन, सरदानंद आदि उपस्थित रहे।