हिसार। मैंने अग्रवाल समाज की महिलाओं को एकजुट करने, उन्हें मंच देने और उनकी छिपी प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से अग्रवाल महिला विकास समिति की शुरुआत की थी। आज यह समिति समाज सेवा, संस्कृति संरक्षण और महिला सशक्तीकरण की एक सशक्त पहचान बन चुकी है।
करीब 12–13 वर्ष पहले मैंने 10 महिलाओं के साथ मिलकर इस संगठन की नींव रखी थी। उस समय हमारा उद्देश्य बिल्कुल था कि घर की चहारदीवारी तक सीमित महिलाओं को आगे लाना, उनकी क्षमताओं को पहचान दिलाना और उन्हें समाज से जोड़ना। मेरे साथ लता सिंघल, रेखा केडिया, निशा गुप्ता, अमिता गुप्ता, पिंकी गोयल, सुमन गुप्ता, अनिता गोयल, रोजी बंसल, रीना सातरोडिया सहित अन्य ने इस सपने को साकार करने में अहम भूमिका निभाई। शुरुआत में हमने छोटे-छोटे कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों की सफलता देखकर महिलाएं स्वयं समिति से जुड़ती चली गईं। आज लगभग 300 महिलाएं समिति से जुड़ी हुई हैं, जो हमारे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है।
मुझे आज भी याद है कि हमारा पहला कार्यक्रम एमसी कॉलोनी स्थित भारत माता मंदिर के बेसमेंट में तीज उत्सव के रूप में आयोजित किया गया था। उस कार्यक्रम की सारी व्यवस्थाएं हमने स्वयं संभाली थीं। इसी आयोजन से हमें आगे बढ़ने का आत्मविश्वास मिला और हमने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
मेरे लिए समिति का मूल उद्देश्य सिर्फ कार्यक्रम करना नहीं, बल्कि अग्रवाल समाज की महिलाओं को एक मजबूत मंच देना, सनातन संस्कृति का प्रचार-प्रसार करना, संस्कारों को सहेजना और समाज के प्रति अपने दायित्वों को निभाना है। मैं विश्वास के साथ कह सकती हूं कि अग्रवाल महिला विकास समिति आने वाले समय में भी महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सरोकारों के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।
(जैसा की अग्रवाल महिला विकास समिति की अध्यक्ष अनुपमा अग्रवाल ने बताया)
अनुपमा ने बताया कि समिति की ओर से होली, तीज, करवा चौथ, लोहड़ी और बसंत पंचमी जैसे प्रमुख त्योहार नियमित रूप से मनाए जाते हैं। इसके साथ ही हिंदू नववर्ष और 25 दिसंबर को तुलसी पूजन दिवस आयोजित किया जाता है। हर कार्यक्रम को नई थीम के साथ प्रस्तुत किया जाता है। मिडटाउन ग्रैंड में आयोजित तीज महोत्सव में राजस्थानी थीम और लोहड़ी में पंजाबी थीम ने विशेष आकर्षण पैदा किया।
उन्होंने बताया कि समिति का उद्देश्य लाभ कमाना नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। तीज महोत्सव के दौरान लगाए जाने वाले स्टॉल्स नो प्रॉफिट–नो लॉस के आधार पर दिए जाते हैं, ताकि घर से काम करने वाली महिलाएं अपने हुनर को आगे बढ़ा सकें। साथ ही समिति सामाजिक दायित्व निभाते हुए हर वर्ष सरकारी स्कूलों में जरूरतमंद बच्चों को जूते, स्वेटर और इनर वितरित करती है। इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर 11 अग्रवाल समाज की बालिकाओं के लिए एफडी करवाई गई है, ताकि वे बालिक होने पर इसका लाभ उठा सकें। पर्यावरण संरक्षण के लिए समिति की ओर से सैकड़ों पौधे वितरित कर वृक्षारोपण कराया गया है। अध्यक्ष अनुपमा अग्रवाल ने कहा कि समिति भविष्य में भी समाज सेवा, संस्कृति संरक्षण और नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।