फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hisar News: दो साल बाद पटरी पर लौटेगी 6 सेक्टरों में सफाई व्यवस्था, पांच साल के लिए लगाया टेंडर

विज्ञापन
विज्ञापन
हिसार। आखिरकार दो साल बाद हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के अधीन वाले शहर के 6 सेक्टरों की सफाई व्यवस्था पटरी पर लौटेगी। नगर निगम की तरफ से इन सेक्टरों में सफाई के लिए 5 साल का टेंडर लगाया गया है। सफाई व्यवस्था पर करीब 11.28 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है।
विज्ञापन

सेक्टर 1, 3, 4, 5, 14 पार्ट टू व 33 एचएसवीपी के अधीन आते हैं। वर्ष 2023 में इन सेक्टरों में सफाई का टेंडर खत्म हो गया और तब से आज तक टेंडर ही नहीं लग सका। हालांकि इसी बीच अधिकारियों ने कई बार एस्टीमेट तैयार किए लेकिन बात टेंडर तक नहीं पहुंच सकी। इस दौरान एचएसवीपी ने आला अधिकारियों ने नगर निगम से सफाई करवाने के निर्देश दिए, लेकिन निगम ने इस पर सहमति नहीं दी। टेंडर नहीं होने के कारण सेक्टर में सफाई व्यवस्था बदहाल रही।
हाथ के अलावा मशीनों से भी होगी सड़कों की सफाई
टेंडर की शर्त के मुताबिक सेक्टरों में हाथ वाली झाडू के अलावा मशीन से सड़कों की सफाई करनी होगी। इसके लिए करीब 84 कर्मचारी लगाए जाएंगे। सड़कों के अलावा बरसाती नालों की सफाई का भी प्रावधान किया गया है। सड़कों की लंबाई के आधार पर कर्मचारियों की संख्या तय की गई है। इन सेक्टरों की सड़कों को 6 अलग-अलग कैटेगरी में रखा गया है।
विज्ञापन

-
सेक्टर में घरों से तो कचरा उठ रहा है लेकिन सड़कों पर लंबे समय से झाडू भी नहीं लग रही है। टेंडर लगने से उम्मीद है कि सफाई व्यवस्था पटरी पर लौटेगी। - प्रवीण सिंघल, संरक्षक, आरडब्ल्यूए, सेक्टर 14 पार्ट टू
-
दो साल से सेक्टर में सफाई व्यवस्था गड़बड़ाई हुई थी। झाडू न लगने से जगह-जगह कचरा पड़ा रहता है। इस कारण सेक्टर की हालत कॉलोनियों से भी बदतर हो गई है। - डीपी ढुल, निवासी, सेक्टर 1-4

कचरा निस्तारण के लिए तीन माह का टेंडर लगेगा
जैसे-जैसे स्वच्छता सर्वेक्षण नजदीक आ रहा है, नगर निगम प्रशासन की धड़कनें तेज हो रही हैं। फिलहाल निगम प्रशासन के लिए कचरे का निस्तारण सिर दर्द बना हुआ है। स्वच्छता सर्वेक्षण में अंकों का नुकसान न हो, इसे देखते हुए निगम प्रशासन ने कचरा निस्तारण का तीन माह का टेंडर लगाने का फैसला किया है। निगम अधिकारियों का तर्क है कि अभी कलस्टर स्तरीय सॉलिड वेस्ट प्लांट तकनीक फाइनल न होने के कारण टेंडर अधर में लटका है। इसके फाइनल होने के बाद भी काम पूरा होने में काफी समय लगेगा। इसलिए तीन माह का टेंडर लगाने का निर्णय लिया है। अभी ढंढूर के पास बने डंपिंग स्टेशन पर एक माह का कचरा पड़ा हुआ है।
सॉलिड वेस्ट प्लांट पर असमंजस
सॉलिड वेस्ट प्लांट पर अब भी असमंजस बना हुआ है। निगम ने गीले कचरे से बायो सीएनजी बनाने के लिए गेल के साथ समझौता किया है। इसके तहत निगम को गीला कचरा गेल को देना होगा। वहीं निगम अधिकारी अभी दिल्ली में बने एक प्लांट का दौरा करके आए थे जहां कचरे से बिजली बनाई जा रही थी। निगम को यह तकनीक भी पसंद आई। इस तकनीक को अपनाया जाता है तो सूखा व गीला कचरा उस कंपनी को देना होगा जो प्लांट लगाएगी। ऐसे में गेल के साथ किया समझौता रद्द करना पड़ेगा।
-
नगर निगम ने एचएसवीपी के अधीन आने वाले सेक्टरों में सड़कों की सफाई का टेंडर लगा दिया है। उम्मीद है जल्द ही सेक्टरों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त हो जाएगी। - नीरज, निगमायुक्त
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें