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Hisar News: चार साल बाद नोटिस पर किसान मोर्चा की बैठक आज, तय करेंगे आगामी रणनीति

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हिसार। किसान नेताओं को चार साल बाद गिरफ्तारी के वारंट नोटिस भेजे जाने के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा ने शुक्रवार को जिलास्तरीय बैठक बुलाई है। मामला मंत्री रणबीर गंगवा से जुड़े घेराव का है जिसमें संदीप धीरणवास, अनिल गोरछी, मनजीत, अमित बिश्नोई, बिसला, सतीश लौरा, राजेश भाकर और अमित सहित कई किसानों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए हैं।
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किसान रेस्ट हाउस में बुलाई गई बैठक में इस मामले पर रणनीति तय की जाएगी। बैठक में नोटिस मिलने के बाद किसानों की आगामी कार्रवाई पर भी मंथन किया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारी सरदानंदर राजली ने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों में नोटिस जारी करना सरकार की खुली तानाशाही और किसान विरोधी मानसिकता का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने आरोप लगाया कि संदीप धीरणवास, अनिल गोरछी सहित दर्जनों किसानों पर झूठे और मनगढ़ंत आरोप लगाकर चार साल बाद नोटिस भेजे जा रहे हैं। यह सरकार की बौखलाहट और बदले की राजनीति का साफ संकेत है।
सरदानंदर राजली ने बताया कि वर्ष 2020-21 के ऐतिहासिक किसान आंदोलन के समय केंद्र और हरियाणा सरकार ने लिखित वादा किया था कि सभी मुकदमे वापस लिए जाएंगे लेकिन अब वही सरकार अपने वादों से मुकर कर किसानों की पीठ में छुरा घोंप रही है और धोखे की राजनीति कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि चार साल पुराने मामलों को खोदकर किसान नेताओं को निशाना बनाना सोची-समझी साजिश है अगर एक भी किसान नेता को गिरफ्तार किया गया या मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो किसान सड़कों पर उतरकर आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे।
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