हिसार। शहर में प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे के असेसमेंट नोटिस वितरित होने के बाद करीब 15 हजार लोगों ने अपनी आपत्ति दर्ज करवाई थी। सर्वे करने वाली याशी कंपनी ने इन सभी आपत्तियों को दुरुस्त कर रिकॉर्ड को नगर निगम प्रशासन को सौंपा दिया है। निगम की तरफ से दुरुस्त की गईं आपत्तियों में से 10 प्रतिशत की दोबारा जांच भी करवाई गई, जो सही मिली। अब निगम प्रशासन दुरुस्त किए गए डेटा को मुख्यालय भेजेगा, जहां से इसे पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसके बाद शहरवासी इस डेटा को देख सकेंगे।
बता दें कि याशी कंपनी ने शहर में प्रॉपर्टी टैक्स का सर्वे किया था। यह सर्वे वर्ष 2019 में पूरा हो गया था। चूंकि इस सर्वे में काफी गड़बड़ियां थीं तो उन्हें ठीक करवाने के लिए कंपनी ने शहर में असेसमेंट नोटिस वितरित किए थे ताकि उस नोटिस के आधार पर लोगों को यह पता चल सके कि सर्वे में एकत्रित किया गया डेटा सही है या नहीं। अगर डेटा में गलती है तो उसे ठीक करवा लें। इसके बाद एजेंसी ने ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से लोगों की आपत्तियां मांगी थी। एजेंसी की मानें तो उन्होंने 6 फरवरी से 30 जून तक ऑफलाइन माध्यम से आपत्तियां व सितंबर तक ऑनलाइन माध्यम से आपत्तियां स्वीकार की हैं। अधिकारियों के अनुसार एजेंसी की तरफ से किए गए सर्वे में करीब 1.44 लाख प्रॉपर्टी मिलीं। इनमें करीब 40 हजार खाली प्लॉट हैं।
निगम ने की जांच, एजेंसी ने आपत्तियां सही तरह से दुरुस्त की या नहीं
एजेंसी की तरफ से 15 हजार आपत्तियों को दुरुस्त करने के बाद नगर निगम प्रशासन ने यह जांच भी की कि एजेंसी ने आपत्तियों को सही तरीके से दुरुस्त किया या नहीं। इसे लेकर निगम ने कुल आपत्तियों में बेतरतीब 10 प्रतिशत आपत्तियों की दोबारा जांच भी करवाई। इसके तहत निगम ने अपने पुराने डेटा से इनका मिलान किया। निगम प्रशासन की मानें तो इस दौरान दो-तीन को छोड़कर सभी ठीक मिलीं।
प्रॉपर्टी टैक्स के नए बिल कौन बांटेगा, अभी तय नहीं
उधर सर्वे के बाद प्रॉपर्टी टैक्स के बिल एजेंसी बांटेगी या नगर निगम, इस पर फैसला नहीं हुआ है। हालांकि एजेंसी के साथ हुए समझौते में एजेंसी को सर्वे करने के बाद बिल बांटने की भी शर्त है। बता दें कि शहर में दो वर्षों से प्रॉपर्टी टैक्स के बिल वितरित नहीं किए गए हैं, जिस कारण से निगम में काफी कम प्रॉपर्टी टैक्स जमा हुआ है।
सर्वे पूरा होने के बाद प्रॉपर्टी के हुए टुकड़े, निगम डेटा कर रहा अपडेट
प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे पूरा होने के बाद शहर में बड़े स्तर पर प्रॉपर्टी के टुकड़े हुए हैं। निगम अधिकारियों के मुताबिक इनकी संख्या करीब 30 हजार है। अब निगम प्रशासन इन प्रॉपर्टी का डेटा अपडेट कर रहा है। याशी एजेंसी के सॉफ्टवेयर पर ही यह डेटा अपडेट किया जा रहा है। निगम के कर्मचारी मौके पर जाकर यह कार्य कर रहे हैं।
वर्जन
एजेंसी ने हमें सर्वे का सारा रिकॉर्ड सौंप दिया है। अभी हम सब डिवाइड हुई प्रॉपर्टी का डेटा जुटा रहे हैं। इसके बाद इस पूरा डेटा को मुख्यालय भेज दिया जाएगा, जहां से इसे पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा।
-वीरेंद्र सहारण, उप निगम आयुक्त, नगर निगम