इस डिजाइन में तैयार होंगे विद्युत सदन के मुख्य द्वार।
हिसार। आखिरकार 42 साल बाद विद्युत सदन के दो मुख्य द्वारों को आकर्षक बनाने के लिए 80 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे, जिनमें गेट नंबर-4 व गेट नंबर एक शामिल है। वर्ष 1982 में विद्युत सदन के मुख्य द्वार बनाए गए थे, जिसके बाद बीएंडआर ने बिजली निगम को बिल्डिंग हैंडओवर कर दी थी। इसके अलावा विद्युत सदन की विभिन्न जगहों पर स्थापित करने के लिए इटली, पश्चिमी बंगाल, उतराखंड, हिसार, बिहार, राजस्थान, चंडीगढ़, अलवर व गुरुग्राम के कलाकारों ने 15 मूर्तियां बनाई हैं, जोकि संस्कृति से रूबरू करवाएगी। इस प्रोजेक्ट पर बिजली निगम की ओर से 70 लाख रुपये खर्च किए हैं। बिजली निगम ने विद्युत सदन के मुख्य द्वार की सूरत बदलने की जिम्मेदारी सिविल विंग को सौंपी है।
42 साल बाद विद्युत सदन के मुख्य द्वार नंबर 4 व एक को बदला जा रहा है। सौंदर्यीकरण को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया गया है। 15 आकर्षक मूर्तियां कलाकारों ने तैयार की हैं। इन दोनों प्रोजेक्टों पर कुल 1.5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मूर्तियों को विद्युत सदन की विभिन्न जगहों पर रखा जाएगा।
- सुदीप बामल, एक्सईएन, सिविल विंग, बिजली निगम, हिसार