सरकार के बेटी पढ़ाओ अभियान को कक्षा इंचार्ज की नियमों की अधूरी जानकारी के कारण एक बार फिर झटका लगा है। सुल्तानपुर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शनिवार को एक छात्रा ने जहरीला पदार्थ पी लिया।
छात्रा ने इसी स्कूल से 11वीं उत्तीर्ण की है और 12वीं में दाखिला नहीं दिए जाने से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। गंभीर हालत में छात्रा को स्कूल प्रशासन यहां सिविल अस्पताल लाया, जहां से उसे हिसार रेफर कर दिया।
छात्रा की मां ने गुड्डी देवी ने बताया कि उसकी बेटी ने सुल्तानपुर के सरकारी स्कूल से 11वीं की परीक्षा पास की है। 12वीं कक्षा में दाखिला लेने के लिए 10 मई को फीस भी जमा करवा दी गई थी।
गुड्डी देवी के अनुसार, शनिवार को जब सुषमा स्कूल में दाखिला लेने के लिए स्कूल गई तो कक्षा की इंचार्ज अंजू ने उसे यह कहकर लौटा दिया कि एडमिशन लेने के लिए जो टेस्ट लिया गया था, वह उसमें उत्तीर्ण नहीं हुई है। लिहाजा उसका दाखिला नहीं हो सकता है।
परिजनों के मुताबिक, इस घटना से व्यथित सुषमा ने स्कूल में ही स्प्रे पी लिया। छात्रा की तबियत बिगड़ी तो स्कूल प्रशासन ने छात्रा के परिजनों को सूचित किया तथा उसे सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। उधर, कक्षा इंचार्ज अंजू ने कहा है कि छात्रा के दाखिला लेने की अवधि समाप्त हो चुकी है। इसलिए छात्रा को बीईओ अथवा डीईओ से लिखवाकर लाने के लिए कहा गया था।
छात्रा का इसी स्कूल में दाखिला होगा : बीईओ
खंड शिक्षा अधिकारी सदानंद वत्स ने कहा है कि कक्षा की इंचार्ज अंजू को शिक्षा विभाग के नियमों की पूरी जानकारी नहीं थी, जिसकी वजह से असमंजस की स्थिति पैदा हुई। छात्रा को दाखिले से इंकार नहीं किया जा सकता है तथा 11वीं के बाद स्वत: 12वीं में दाखिला किया जाता है।
हाजिरी कम होने से छात्रा का नाम स्कूल से कट गया था। पीड़ित छात्रा का इसी स्कूल में दाखिला रहेगा। मामले की विस्तृत जांच के बाद रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी।