हिसार। नागरिक अस्पताल में शव की अदला-बदली मामले में सोमवार को राजस्थान के गढ़ी छानी गांव निवासी केशर के शव का पोस्टमार्टम किया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया। इससे पहले पोस्टमार्टम को लेकर अधिकारियों व चिकित्सकों में मंथन चलता रहा। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त प्रधान सचिव (एसीएस) ने भी सीएमओ से रिपोर्ट मांगी है। पीएमओ ने 5 सदस्यीय जांच कमेटी बनाई है।
गौरतलब है कि रविवार को नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम के बाद जींद के खेड़ी मसानिया निवासी जगपाल का शव राजस्थान के गांव गढ़ी छानी के केशर के परिजनों के सौंप दिया था। इसके बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया। जब इस बात का पता जगपाल के परिजनों को लगा तो उन्होंने चिकित्सकों व पुलिसकर्मी पर कार्रवाई के लिए हंगामा किया।
दिनभर परिजन और पुलिसकर्मी काटते रहे चक्कर
सोमवार को गढ़ी छानी निवासी मृतक केशर के परिजन और पुलिस कर्मी शव के पोस्टमार्टम को लेकर शवगृह और पीएमओ ऑफिस के चक्कर काटते रहे। वहीं पीएमओ के ऑफिस में चिकित्सक आपस में बातचीत करते रहे कि अब किस तरह से पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की जाए। एक बार चिकित्सक द्वारा गढ़ी छानी के केशर नाम से शव का पोस्टमार्टम कर चुके है। हालांकि वह शव जींद के खेरी मसानिया गांव के जगपाल का था। पोस्टमार्टम के बाद पोर्टल पर केशर नाम की डिटेल अपलोड हो चुकी है। सोमवार को फिर से केशर नाम से शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। वहीं, जींद के खेड़ी मसालिया गांव के मृतक जगपाल के परिजनों का कहना है कि हमें शव चाहिए। हम कैसे मान लें कि राजस्थान के गढ़ी छानी में जिस शव का अंतिम संस्कार किया है वह जगपाल का है। हमने पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी हुई है।
मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में आएगी परेशानी
मृतक जगपाल के परिजनों को मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में परेशानी आ सकती है। क्योंकि अभी तक जगपाल के नाम से पोर्टल पर कोई एंट्री नहीं हुई है। पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम कार्रवाई के लिए कागजात दिए गए थे लेकिन, शव की अदला-बदली का पता चलने के बाद पोस्टमार्टम नहीं हुआ था।
शव की अदला-बदली मामले में पांच सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। जल्द ही कमेटी अपनी रिपोर्ट सौंप दे देगी। इसके बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - डॉ. रत्ना भारती, पीएमओ, नागरिक अस्पताल