हिसार। 54 करोड़ रुपये की जीएसटी देनदारी और फ्यूचर मेकर लाइफ केयर प्रकरण में कंपनी के निदेशक राधेश्याम और चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर बंसीलाल को सुप्रीम कोर्ट से नियमित जमानत मिलने के बाद सोमवार देर शाम जेल से रिहा कर दिया गया। दोनों ने हिसार कोर्ट में एक-एक लाख रुपये के बेल बॉन्ड भरे। मामले की अगली सुनवाई 25 मई को होगी।
राधेश्याम के अधिवक्ता मनमोहन राय ने बताया कि भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने 18 मई को सुनवाई के दौरान जमानत मंजूर की थी। अदालत ने हिसार के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की संतुष्टि के अनुसार जमानत बांड भरने के बाद रिहाई के निर्देश दिए थे।
फ्यूचर मेकर लाइफ केयर प्राइवेट लिमिटेड पर डायरेक्ट मार्केटिंग के माध्यम से कृषि व हेल्थ प्रोडक्ट बेचने के दौरान अक्टूबर 2016 से जून 2017 तक करीब 54.77 करोड़ रुपये की जीएसटी देनदारी का आरोप है। जांच एजेंसियों के अनुसार कंपनी अब तक करीब 36 करोड़ रुपये जमा करवा चुकी है। इससे पहले राधेश्याम को पत्नी की गंभीर बीमारी और संभावित सर्जरी के आधार पर 4 मई 2026 को अंतरिम जमानत मिली थी।