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फर्जी नशा तस्करी में फंसाने का आरोप, अदालत ने जांच प्रक्रिया में निष्पक्षता के लिए फुटेज व कॉल डिटेल सुरक्षित की

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हिसार। पीरांवाली गांव के पूर्व सरपंच ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि एंटी नारकोटिक्स सेल ने उसकेे बेटे व भाई को नशा तस्करी के आरोप में फर्जी तरीके से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि चाचा-भतीजा को फोन करके हिसार नारकोटिक्स सेल में बुलाया, करीब आठ घंटे अवैध हिरासत में रखा और फिर सिरसा चुंगी से डीएसपी की मौजूदगी में हेरोइन सहित गिरफ्तार दिखाया।
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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश लोकेश गुप्ता की अदालत ने बुधवार को दोनों आरोपी के अलावा उनको गिरफ्तार करने वाले एएसआई शक्ति सिंह के मोबाइल की कॉल डिटेल, लोकेशन व आसपास के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने के आदेश दिए हैं। वहीं जिला पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में पीरांवाली गांव के पूर्व सरपंच दलीप सिंह ने बताया कि 8 अगस्त की दोपहर को एएसआई शक्ति सिंह ने उसके बेटे जंगीर सिंह को फोन कर कहा कि गांव के युवक गोबिंदा के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज है और उससे पूछताछ करनी है, इसलिए आप उसको लेकर आ जाओ। इसके बाद जंगीर सिंह और प्यारा सिंह नारकोटिक्स सेल में चले गए। वहां से जंगीर सिंह के मोबाइल से उसके भाई जरनैल सिंह को फोन किया और उसको भीबुला लिया। जब वे काफी देर तक घर नहीं आए तो वे सेल में गए तो वहां पर पुलिस कर्मचारियों ने कहा कि यहां कोई नहीं है लेकिन वहां पर दोनों की बाइक खड़ी दिखी। इसके बाद पुलिस ने उक्त तीनों को देर रात सिरसा चुंगी से हेरोइन सहित गिरफ्तार करने का दावा किया और केस दर्ज कर लिया।
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आईजी ने पीरांवाली गांव से शुरू किया था नशा मुक्ति अभियान
पुलिस की छवि सुधारने के लिए पुलिस महानिरीक्षक राकेश आर्य ने करीब साढ़े आठ माह पूर्व 16 दिसंबर, 2021 को हिसार के पीरांवाली गांव से नशा मुक्ति के लिए मेरा गांव-मेरी शान अभियान की शुरुआत की थी। यहां कुछ युवकों की पहचान भी की थी जो नशे की गिरफ्त में थे।
पुलिस के जवाब से कोर्ट संतुष्ट नहीं : राय
जंगीर सिंह व जरनैल सिंह केस की पैरवी करने वाले एडवोकेट मनमोहन राय ने बताया कि यह मामला अदालत के संज्ञान में लाया गया है और अदालत ने उनके आग्रह पर दोनों आरोपियों के अलावा एएसआई शक्ति सिंह के मोबाइल की कॉल डिटेल, लोकेशन, नारकोटिक्स सेल व सिरसा चुंगी पर लगे सीसीटीवी की फुटेज सुरक्षित रखने के आदेश दिए हैं। इसके लिए दायर याचिका के जवाब में पुलिस ने सिर्फ यह कहा कि यह निजता के अधिकार व ऑफिशियल गोपनीयता के खिलाफ है। इस पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश लोकेश गुप्ता की अदालत ने कहा कि जांच एजेंसी ने भ्रामक और अस्पष्ट जवाब दिया है। इसलिए जांच प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए जांच एजेंसी को 8 अगस्त से 9 अगस्त तक की एंटी नारकोटिक्स सेल व सिरसा चुंगी चौक पर स्थापित सीसीटीवी कैमरा की फुटेज और आरोपियों व जांच अधिकारी के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के आदेश दिए जाते हैं।
इस मामले में सीसीटीवी फुटेज, संबंधित सभी मोबाइल फोन की लॉकेशन, कॉल हिस्ट्री को सुरक्षित कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी सामने आएगा, उसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी जाएगी। - पूजा वशिष्ठ, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक
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