हिसार। जादू टोने के लिए वन्य प्राणी के अंगों को बेचने वाले आरोपी मुकेश कुमार को शुक्रवार को कुरुक्षेत्र की विशेष पर्यावरण न्यायालय में पेश किया गया। सोमवार तक आरोपी को हिरासत मेें जेल भेज दिया गया है। डबवाली निवासी आरोपी मुकेश पिछले कई दिनों से फरार चल रहा था। शुक्रवार को वन्य प्राणी विभाग की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी मुकेश के खिलाफ वन्य प्राणी सुरक्षा अधिनियम 1972 के तहत केस दर्ज किया है।
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वन्य जीवों के अंग वह बाबा से खरीदता था। गीदड़, गौह का जनाना अंग व उल्लू के पंजे 400 रुपये से एक हजार रुपये में बेचता था। वह बीएड कॉलेज के सामने वाली गली नंबर-12 में रहता है। वन्य प्राणी विभाग सिरसा के इंस्पेक्टर लीलूराम ने बताया कि आरोपी मुकेश डबवाली में श्री गीता पूजन भंडार के नाम से दुकान चलाता है। मुखबीर से सूचना मिलने के बाद 6 अगस्त को टीम आरोपी मुकेश की दुकान पर पहुंची। इस दौरान वह नहीं मिला और दुकान पर उसका बेटा बैठा हुआ था। जब टीम ने गौह का जनाना अंग मांगा तो उसने कहा कि मुझे नहीं पता। मैं मेरे पिता से बात करवा देता हूं। इसके बाद आरोपी ने बेटे को जगह बताई और गौह का जनाना अंग देने की बात कही। जब बेटा डिब्बे से गौह का जनाना अंग निकालने लगा तो टीम ने डिब्बे को कब्जे में ले लिया। उस डिब्बे में गीदड़ के अंग, गौह का जनाना अंग और उल्लू के पंजे मिले। शुक्रवार को जब आरोपी घर से दुकान आ रहा था तो उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
वन्य प्राणी विभाग के डीएफओ वेदप्रकाश के आदेश पर टीम का गठन किया गया। इंस्पेक्टर लीलूराम की देखरेख में दुकान पर जांच की गई। वन्य प्राणी विभाग की टीम में हिसार से सब इंस्पेक्टर दिनेश जांगड़ा, वन्य जीव रक्षक रिछपाल सिंह, सुरेश कुमार मौजूद रहे।
अंगों के सैंपल जांच के लिए वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट देहरादून लैब भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने में ढाई से तीन माह का समय लग जाएगा। - लीलूराम, इंस्पेक्टर, वन्य प्राणी विभाग, सिरसा