हिसार। अदालत में जाली जमानत बांड पेश कर आरोपी की जमानत कराने का मामला सामने आया है। मामले का खुलासा होने पर अदालत के आदेश पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने दो नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। प्रारंभिक जांच में जमानत बांड के साथ संलग्न आधार कार्ड का रिकॉर्ड भी नहीं मिला।
जांच अधिकारी संजय ने बताया कि इस मामले में सचिन और राजेंद्र के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस को दी शिकायत में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के रीडर राकेश जांगड़ा ने बताया कि राज्य बनाम सचिन शीर्षक वाद की सुनवाई के दौरान गांव कुलेरी निवासी शुभम ने अदालत को बताया कि उसने कभी रोहतक के सेक्टर-4 निवासी सचिन के लिए जमानती के रूप में कार्य नहीं किया।
वह किसी भी जमानत या जमानत बांड के लिए कभी अदालत में उपस्थित नहीं हुआ। शिकायत के अनुसार शुभम ने आरोप लगाया कि उसकी भूमि संबंधी अभिलेखों का अज्ञात व्यक्तियों ने दुरुपयोग कर फर्जी जमानत दस्तावेज तैयार किए। उसने जमानत बांड पर लगी अपनी कथित फोटो से भी इनकार किया और कहा कि उसके साथ-साथ न्यायालय के साथ भी धोखाधड़ी की गई है।
जांच के दौरान शुभम के नाम से जमानत बांड के साथ संलग्न आधार कार्ड का आधार पोर्टल पर कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। जांच में आरोपी को जमानत दिलाने के उद्देश्य से प्रतिरूपण कर फर्जी जमानत बांड तैयार करने और उनका उपयोग करने के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। पुलिस के अनुसार मामले में कूटरचना, धोखाधड़ी, प्रतिरूपण, जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल, आपराधिक षड्यंत्र और न्यायालय के साथ छल करने जैसे संज्ञेय अपराध सामने आए हैं।