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विधायक को चौपाल में थप्पड़ मारने वाला दोषी करार

Wed, 06 Jan 2016 12:38 AM IST
अमर उजाला हिसार/ब्यूरो
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लोकसभा चुनाव 2014 के प्रचार के दौरान कांग्रेस के पूर्व मंत्री संपत सिंह के लिए वोट मांगने गए उकलाना के तत्कालीन विधायक नरेश सेलवाल को भरी चौपाल में थप्पड़ मारने के मामले में अदालत ने मंगलवार को आरोपी सरजीत उर्फ काला को दोषी करार दिया है।
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जेएमआईसी सुधीर कुमार की कोर्ट उसे बुधवार को सजा सुनाएगी। 26 मार्च 2014 को उकलाना विधायक नरेश सेलवाल लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी प्रो. संपत सिंह के प्रचार के लिए बरवाला क्षेत्र के गांव ज्ञानपुरा गए थे।

जब वे चौपाल में पहुंचे तो कुछ लोग फूल मालाओं से उनका स्वागत करने के लिए खड़े थे। विधायक सेलवाल का आरोप था कि भीड़ में ज्ञानपुरा गांव के सरपंच का बेटा सुरजीत उर्फ काला भी था।
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उसने फूलमाला में कोई पंचनुमा हथियार छिपा रखा था। जैसे ही वह माला डलवाने के लिए नीचे झुके सुरजीत ने उन्हें थप्पड़ जड़ दिया। विधायक के गनमैन ने बीचबचाव किया।

इस संबंध मेें बरवाला पुलिस ने 27 मार्च को विधायक सेलवाल की शिकायत पर आईपीसी की धारा 323 व 506 के तहत आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया था।

ज्ञानपुरा गांव में चौपाल में मंच के ऊपर तत्कालीन विधायक नरेश सेलवाल को थप्पड़ मारने के मामले में कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सरपंच के बेटे सुरजीत उर्फ काला को दोषी करार दे दिया।

कोर्ट के समक्ष आरोपी पक्ष के वकील ने दलील दी कि काला को विधायक झूठे केस में फंसा रहे हैं। इस पर कोर्ट ने कहा कि एक 22 साल के लड़के के साथ विधायक की क्या दुश्मनी हो सकती है।

वे झूठे केस में फंसाते तो थप्पड़ का केस क्यूं होता। सत्ता में होते हुए वे उन्हें दूसरे झूठे केस में फंसा सकते थे, जिसमें उन्हें खुद को भी शामिल होने की जरूरत नहीं होती। कोर्ट ने आरोपी पक्ष की सारी दलीलें खारिज कर दी।

विधायक, डॉक्टर, गनमैन सहित चार की हुई गवाही
एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल ने बताया कि इस मामले में तत्कालीन कांग्रेस के उकलाना विधायक नरेश सेलवाल, सरकारी अस्पताल के एमओ डॉ. सुनील भारती, विधायक के गनमैन एएसआई अशोक कुमार व जांच अधिकारी अशोक कुमार की गवाही हुई।

सेलवाल ने कहा टेंशन में था दवा लेकर सो गया था
कोर्ट के समक्ष आरोपी पक्ष के वकील ने कहा कि विधायक घटना के एक दिन बाद एमएलआर करवाने गए। जबकि उनको थप्पड़ मारा होता तो उसी दिन एमएलआर कटवाते।

विधायक ने कहा कि उस वक्त वह टेंशन में थे। दवा लेकर सो गए थे। अगले दिन भी दर्द में आराम नहीं आया तो दवा लेने के लिए अस्पताल पहुंचा। विधायक के वकील ने डॉक्टरी रिपोर्ट दिखाई, जिसमें थप्पड़ के निशान दर्शाये गए थे।
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