डाबड़ा चौक के पास बोलेरो में सवार होकर चंडीगढ़ जा रहे मार्केटिंग बोर्ड के एसडीओ अशोक नैन के सिर पर स्ट्रीट लाइट का इंसुलेटर और लोहे का पाइप लगने से मौत हो गई। निगम की लापरवाही के कारण स्ट्रीट लाइट की तार सड़क पर पड़ी थी। टूटी तार बोलेरो के अगले टायर में उलझने से स्ट्रीट लाइट पर लगे इंसुलेटर के साथ और पाइप का टुकड़ा तेज गति बोलेरो के कंडक्टर साइड के बीच वाले शीशे को तोड़ते हुए एसडीओ के सिर के पिछले हिस्से में लगा। पुलिस ने नगर निगम के खिलाफ केस दर्ज किया है।
हिसार मार्केटिंग बोर्ड में सिविल इंजीनियरिंग विंग के एसडीओ अशोक नैन को वीरवार को विभागीय काम के सिलसिले में चंडीगढ़ स्थित मुख्यालय में जाना था। चालक सूंडाराम चंडीगढ़ के लिए सुबह करीब साढेे़ पांच बजे सरकारी बोलेरो गाड़ी में सवार होकर सेक्टर 9-11 में एसडीओ अशोक नैन की कोठी पर पहुंचे। एसडीओ के साले जुगलान निवासी महेंद्र सिंह भी कोठी पर मौजूद थे। चंडीगढ़ के रास्ते में जुगलान तक छोड़ने की बात कहकर महेंद्र बोलरो में पिछली सीट पर बैठ गया।
सिर से बहा खून
पुलिस को दिए बयान में अशोक नैन के साले महेंद्र और चालक सूंडाराम ने बताया कि बोलेरो डाबड़ा चौक से कुछ दूरी पर थी। इसी दौरान स्ट्रीट लाइट टूटी पड़ी थी। उनकी गाड़ी वहां से गुजरी तो तार बोलेरो के टायर में उलझ गई। तार के साथ इंसुलेटर और पाइप का छोटा टुकड़ा तेज गति बोलेरो गाड़ी का खिड़की का शीशा तोड़कर एसडीओ नैन के सिर के पिछले हिस्से में लगा।
एसडीओ चालक के साथ वाली सीट पर बैठे थे। कुछ क्षणों में ही जब उन्होंने गाड़ी रोकी तो एसडीओ सीट पर गिरे हुए थे। उनके सिर से तेजी से खून बह रहा था। घायल एसडीओ को पास के एक प्राइवेट अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सिविल लाइन पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।
दिसंबर में हुई थी इकलौते बेटे की शादी
एसडीओ अशोक नैन के इकलौते बेटे दीपक की शादी 4 दिसंबर को हुई थी। बेटी मिनी भी शादीशुदा है। नैन परिवार समेत सेक्टर 9-11 स्थित अपनी कोठी में रह रहे थे। एसडीओ नैन के साथ हुए हादसे के बारे में जानकारी मिलने पर विभाग के कई कर्मचारी, अधिकारी, रिश्तेदार अस्पताल पहुंचे
यह होता है इंसुलेटर
इंसुलेटर स्ट्रीट लाइट पर ऊपरी हिस्से में लगाया जाता है। यह चीनी मिट्टी से बना होता है। करंट अवरोधक होने के कारण लगाया जाता है। इंसुलेटर में करीब एक से तीन किलोग्राम तक वजन होता है। बिजली अवरोधक होने के अलावा बरसात, धूप, आंधी में यह खराब नहीं होता, इस कारण स्ट्रीट लाइट पर इसे लगाया जाता है।
एसडीओ की मौत के संबंध में उसके रिश्तेदार महेंद्र सिंह की शिकायत पर नगर निगम के खिलाफ लापरवाही से जान लेने का मामला दर्ज किया है।
- भीम सिंह एएसआई, जांच अधिकारी सिविल लाइन