हांसी । पांच महीने की गर्भवती महिला का गर्भपात करने के मामले में स्वास्थ्य विभाग की पीएनडीटी टीम फिर से जांच करने के लिए दोनों अस्पतालों में पहुंची। इस दौरान टीम ने चिकित्सकों से पूछताछ की गई व उनके बयान भी दर्ज किए गए। मनु मेमोरियल अस्पताल में 17 तरह की दवाओं के सैंपल व डीवीआर को कब्जे में ले लिया।
श्री बालाजी अस्पताल व मनु मेमोरियल अस्पताल के तार जुड़ने के बाद टीम हर एंगल से जांच कर रही है। पीएनडीटी टीम के इंचार्ज डॉ. प्रभुदयाल, डॉ. कामिद मोंगा, डॉ. दीपिका व ड्रग कंट्रोलर ऑफिसर डॉ. दिनेश कुमार पहले आंबेडकर चौक के पास स्थित श्री बाला जी अस्पताल में पहुंची। टीम ने वहां पर अस्पताल के दस्तावेज लिए। इसके बाद टीम मनु मेमोरियल अस्पताल में पहुंची। टीम ने पिछली बार यहां रेड की थी तो डॉक्टर पूजा यादव रेड के दौरान यहां से निकल गई थी। जिस पर टीम ने मंगलवार को यहां आने के लिए पहले से अस्पताल को नोटिस दिया था। इस दौरान डॉ. पूजा यादव वहां मिली। टीम ने वहां पर लगी सील हटाई व डॉ. पूजा व अस्पताल के टेक्नीशियन के बयान भी दर्ज किए। इस दौरान वहां पर गर्भपात से संबंधित दवाएं भी मिली। कुछ दवाओं के पत्ते आधी खाली मिले। टीम ने इन्हें कब्जे में लिया है। यहां से डीवीआर व अन्य उपकरणों को कब्जे में लिया है। टीम रात तक वहां पर जांच करती रही।
गर्दन छोटी बता करवाया गर्भपात
गर्भवती महिला ने पहले नागरिक अस्पताल से अल्ट्रासाउंड करवाया था। अल्ट्रासाउंड में अच्छे से नहीं दिखा तो डॉक्टर ने कुछ शंका जाहिर की। महिला हिसार में प्राइवेट सेंटर से अल्ट्रासाउंड करवाने गई। वहां पर कलर अल्ट्रासाउंड न करवाकर सादा अल्ट्रासाउंड करवाया। उसे बताया गया कि बच्चे की गर्दन छोटी है। डॉ. पूजा यादव ने महिला को गर्भपात करवाने की सलाह दी और गर्भपात के लिए दवा दी। दवा लेने के बाद महिला गर्भपात के लिए पहुंची तो डॉक्टर ने अधिक पैसे की डिमांड की। जिस पर महिला के परिजनों व डॉक्टर के बीच में विवाद हुआ। फिर उसे बालाजी अस्पताल में ले जाया गया। जहां पर डॉक्टर ने गर्भपात किया। इस दौरान भ्रूण में बच्ची निकली। जो की ठीक थी।
गर्भपात के लिए नहीं है अप्रुव्ड
यह दोनों ही अस्पताल गर्भपात करवाने के लिए अप्रूव्ड नहीं है। अगर गर्भवती महिला को इंडिकेशन थे तो भी यह गर्भपात नहीं कर सकते थे। फिर भी यहां पर गर्भपात हुआ। अस्पतालों में गर्भपात से संबंधित साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मनु मेमोरियल अस्पताल में गर्भपात से संबंधित कीट मिली है। जिसे कब्जे में लिया है। बालाजी अस्पताल से संबंधित दस्तावेज लिए हैं। अभी मामले में जांच कर रहे हैं। - डॉ. प्रभु दयाल, इंचार्ज, पीएनडीटी टीम