हिसार। नगर निगम के मधुबन पार्क के सामने बने रैन बसेरे में मंगलवार रात जींद निवासी बलकार की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। बुधवार सुबह वारदात की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोपहर बाद पड़ाव चौक से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी और बलकार रात में शराब पीकर आए थे और इस दौरान उनके बीच किसी बात पर झगड़ा हो गया। दोनों ही शादी समारोहों में वेटर का काम करते थे। शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस ने बलकार के भाई बलजीत की शिकायत पर आरोपी उत्तराखंड के अल्मोड़ा निवासी कृष्ण के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है।
सिविल लाइन थाना प्रभारी कर्मजीत ने बताया कि मधुबन पार्क के सामने पोर्टेबल केबिन में रैन बसेरा बनाया हुआ है। सुबह करीब छह बजे एक व्यक्ति की हत्या की सूचना पर पुलिस मौके पहुंची। वहां रह रहे लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि रात में यहां बिहार निवासी संदीप, बच्ची व राजू, जींद निवासी बलकार और उत्तराखंड के अल्मोड़ा निवासी कृष्ण ठहरे थे। बलकार और कृष्ण शराब पीकर पहुंचे और किसी बात पर उनके बीच कहासुनी हो गई। उस समय अन्य तीनों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया और सभी सो गए, लेकिन रात में फिर से दोनों में झगड़ा हो गया। कृष्ण ने बलकार पर लात-घूसों से हमला किया। इसके बाद बलकार को उल्टी आई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।
कृष्ण कभी-कभार रैन बसरे में आता था
पुलिस के मुताबिक संदीप ने बताया कि जींद जिले के गांव सुरबरा निवासी बलकार (45) करीब तीन माह से रैन बसेरे में सोने आता था, जबकि कृष्ण कभी-कभार ही रुकता था। दोनों में अक्सर झगड़ा होता था, लेकिन अगले दिन फिर से सामान्य हो जाते थे। दोनों के बीच जब दूसरी बार झगड़ा हुआ तो यह सोचकर बीच बचाव नहीं किया कि इनका तो रोज का काम है। बलकार की मौत के बाद कृष्ण भाग गया।
वीटा बूथ संचालक के मोबाइल से दी सूचना
रैन बसेरे में मौजूद किसी व्यक्ति के पास मोबाइल नहीं था। इस कारण रात में पुलिस को जानकारी नहीं दी जा सकी। सुबह करीब पांच बजे पास ही स्थित वीटा बूथ संचालक आया तो उसके मोबाइल फोन से रैन बसेरे की देखरेख के लिए रखे गए नगर निगम कर्मचारी को इस घटना की सूचना दी । इसके बाद सिविल लाइन थाना पुलिस व सीन ऑफ क्राइम की टीम मौके पर पहुंची और बलकार के शव को नागरिक अस्पताल पहुंचाया।
अविवाहित था बलकार
सुरबरा निवासी मुरारी ने बताया कि बलकार रिश्ते में चाचा लगता था। वह वर्ष 2011 से घर छोड़े हुए था और परिवार के संपर्क में नहीं था। शादियों या अन्य कहीं मजदूरी कर अपना गुजर-बसर करता था। उसके दो बड़े भाई बलवान व बलजीत और एक बहन संतोष है। बलकार अविवाहित था। वर्ष 2019 में वह भतीजी की शादी में कुछ समय के लिए आया था, लेकिन आधा घंटा रुकने के बाद चला गया। परिवार को यह भी जानकारी नहीं थी कि वह हिसार में रह रहा है। पुलिस ने गांव के पूर्व सरपंच को फोन पर सूचना दी तब जाकर इस घटना का पता चला।
फोन चोरी के शक में हुआ था झगड़ा
पुलिस के अनुसार पूछताछ में पता चला है कि 4-5 दिन पहले बलकार का मोबाइल फोन गुम हो गया था। उसे शक था कि कृष्ण ने चुराया है। वह उससे फोन के पैसे मांग रहा था। इसी बात पर दोनों के बीच झगड़ा हुआ। इस दौरान कृष्ण की शर्ट फट गई। इस पर उसने बलकार को लात-घूसों से पीटा। थाना प्रभारी कर्मजीत ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करवाया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा।
रैन बसेरों में सुरक्षा पर सवाल
इस वारदात के बाद नगर निगम के रैन बसेरों में सुरक्षा पर सवाल उठ खड़े हो गए हैं। वर्तमान में निगम का एक स्थायी और दो अस्थायी रैन बसेरे संचालित हैं। स्थायी रैन बसेरा जगजीवन नगर और अस्थायी रैन बसेरे मधुबन पार्क के सामने और पुराना गवर्नमेंट कॉलेज के मैदान के पास बने हैं। स्थायी रैन बसेरे में निगम कर्मी तैनात रहता है लेकिन अस्थायी रैन बसेरे में ऐसी व्यवस्था नहीं है। रैन बसेरों में सीसीटीवी कैमरों भी नहीं लगे हैं। निगम की अतिरिक्त आयुक्त शालिनी चेतल का कहना है कि आईसीसीसी प्रोजेक्ट के तहत शहर में करीब 1100 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसी के तहत ऐसे सार्वजनिक स्थलों को भी कवर किया जाएगा।
रैन बसेरों में हुईं घटनाएं
- 19 फरवरी 2024: मुख्य बस स्टैंड पर रोडवेज बस में बनाए गए अस्थायी रैन बसेरे में आग लगने से एक बुजुर्ग की जलकर मौत हो गई थी। मृतक की पहचान उमरा निवासी प्रेम के रूप में हुई ।
- 4 जनवरी 2025: रेलवे स्टेशन के पास रोडवेज बस में बनाए गए अस्थायी रैन बसेरे में एक व्यक्ति का शव मिला था।