बास। बास क्षेत्र के गांव रोशनखेड़ा के करीब दस वर्ष पुराने चर्चित बलजीत-दलबीर दोहरे हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे कुलबीर (44) की शुक्रवार को हिसार केंद्रीय जेल में हार्ट अटैक से मौत हो गई। शनिवार को मेडिकल कॉलेज अग्रोहा में बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद पुलिस सुरक्षा के बीच गांव रोशनखेड़ा में उसका अंतिम संस्कार कराया गया।
इसी मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे कुलबीर के भाई अजमेर व समुद्र को भी पुलिस सुरक्षा में हिसार जेल से अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए गांव लाया गया। अंतिम संस्कार के दौरान हांसी पुलिस की गार्द व थाना बास पुलिस की टीम मौके पर तैनात रही।
कुलबीर वर्ष 2016 से बलजीत-दलबीर हत्याकांड में न्यायिक हिरासत के तहत हिसार केंद्रीय जेल में बंद था। शुक्रवार शाम करीब तीन बजे जेल में उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई।
10 साल पहले घर में घुसकर की गई थी दो भाइयों की हत्या :
27 जुलाई 2016 को गांव रोशनखेड़ा में पुरानी रंजिश के चलते बलजीत व उसके भाई दलबीर पर उनके घर में घुसकर तेजधार हथियारों से हमला किया गया था। हमले में बलजीत की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि गंभीर रूप से घायल दलबीर ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। इस घटना में परिवार के कई अन्य सदस्य भी घायल हुए थे। मामले में 17 लोगों के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। नवंबर 2024 में कुलबीर, अजमेर, समुद्र, वीरेंद्र, कर्मबीर, सोनू, बेधड़क और नितिन को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी जबकि अन्य आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया था।